जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मंगलवार देर शाम यूसमर्ग के पास कोराग के घने जंगलों में हुई एक भीषण मुठभेड़ में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर मारा गया। श्रीनगर स्थित सेना की चिनार कॉर्प्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और श्रीनगर सेक्टर सीआरपीएफ को इस इलाके में कुछ संदिग्धों के मूवमेंट की पक्की खुफिया जानकारी मिली थी। खबर मिलते ही जवानों ने बिना वक्त गंवाए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम जैसे ही पेड़ों और झाड़ियों के बीच बने एक संदिग्ध ठिकाने की तरफ आगे बढ़ी, वहां पहले से घात लगाकर बैठे आतंकियों ने जवानों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। जवानों ने पहले आतंकियों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन उधर से फायरिंग और तेज हो गई। इसके बाद मोर्चा संभालते हुए जवानों ने सटीक जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से काफी देर तक रुक-रुक कर गोलियां चलती रहीं और आखिरकार सुरक्षाबलों ने लश्कर के इस बड़े कमांडर को मौके पर ही ढेर कर दिया।
मुशर्रफ का गार्ड रहा फौजी मूसा
मुठभेड़ खत्म होने के बाद जब शिनाख्त की गई, तो मारे गए आतंकी की पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ फौजी मूसा (हाशिम मूसा) के तौर पर हुई। खुफिया एजेंसियों की पड़ताल में इस आतंकी को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मारा गया आतंकी कोई आम लड़ाका नहीं था, बल्कि वह पाकिस्तानी सेना की स्पेशल सर्विस ग्रुप यानी एसएसजी का ट्रेंड पूर्व कमांडो था। इतना ही नहीं, वह पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की निजी सुरक्षा टीम में भी लंबे समय तक तैनात रह चुका था।
साल 2023 में पाकिस्तानी सेना से रिटायर होने के बाद उसने लश्कर-ए-तैयबा का दामन थाम लिया था। स्पेशल कमांडो ट्रेनिंग की वजह से लश्कर ने उसे घाटी में नेटवर्क मजबूत करने और नए लड़कों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी सौंपी थी। वह सीमा पार से भारत में घुसपैठ कर पिछले कई महीनों से घाटी में हमलों की साजिश रच रहा था और कई आतंकी वारदातों में लंबे समय से सुरक्षाबलों की रडार पर था। मुठभेड़ स्थल से एके सीरीज की राइफल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पीर पंजाल के जंगलों में हाई अलर्ट
इस बड़े कमांडर के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों ने यूसमर्ग और आसपास के समूचे जंगली इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है। अंदेशा है कि इलाके में उसके कुछ और साथी भी छिपे हो सकते हैं, जिसके चलते खोजी कुत्तों और ड्रोन की मदद से चप्पा-चप्पा छाना जा रहा है।
हाल के दिनों में पीर पंजाल पर्वत शृंखला के रास्तों से आतंकियों की आवाजाही की खबरें लगातार मिल रही थीं। यह पहाड़ी रास्ता जम्मू डिवीजन को सीधे कश्मीर घाटी से जोड़ता है। इसी वजह से पुंछ, राजौरी, किश्तवाड़, डोडा और रामबन के घने जंगलों में भी सेना और पुलिस ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। सभी चेक पोस्टों पर गाड़ियों की सघन तलाशी ली जा रही है और स्थानीय लोगों से भी किसी भी अनजान व्यक्ति के दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि घाटी में शांति बिगाड़ने की सीमा पार की हर कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
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