नैनीताल जनपद के अंतर्गत आने वाले पतकोट और कालाढूंगी के ग्रामीण पिछले लंबे समय से एक बाघ की सक्रियता के कारण भारी दहशत में जी रहे थे। शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर थे और खेती-बाड़ी के काम पूरी तरह ठप पड़ चुके थे। जनजीवन की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने इस बाघ को पकड़ने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की। विभाग की टीम पिछले कई दिनों से बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। जब बाघ की लोकेशन पूरी तरह पुख्ता हो गई, तब उच्च अधिकारियों के निर्देशन में रात के समय एक विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने का निर्णय लिया गया। यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि रात के समय घने जंगलों में बाघ की सटीक लोकेशन का पता लगाना और उसे सुरक्षित तरीके से ट्रेंकुलाइज करना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं था।

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सफलतापूर्वक संपन्न हुआ आधी रात का विशेष ऑपरेशन

​वन विभाग के विशेषज्ञों और डॉक्टरों की टीम ने जंगल के भीतर जाल बिछाया और पिंजरे का उपयोग करते हुए बाघ को एक निश्चित दायरे में घेरा। टीम के सदस्यों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बाघ को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज करने वाले इंजेक्शन का शॉट लगाया। बाघ के बेहोश होते ही उसे सुरक्षित रूप से कब्जे में ले लिया गया। इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसे बेहद गोपनीयता और सुरक्षा मानकों के साथ अंजाम दिया गया ताकि बाघ या किसी भी टीम सदस्य को नुकसान न पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघ को अब स्वास्थ्य परीक्षण के लिए भेजा गया है और उसकी स्थिति पर विशेषज्ञों द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस और वन विभाग के बीच दिखा बेहतरीन समन्वय

​इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के दौरान नैनीताल पुलिस की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। पुलिस की टीम पूरे समय घटना स्थल पर तैनात रही ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। अक्सर ऐसे रेस्क्यू ऑपरेशंस के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो जाती है जिससे सुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन पुलिस ने भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था को बखूबी संभाला। वन विभाग और पुलिस के बीच इस बेहतरीन तालमेल की बदौलत ही ऑपरेशन बिना किसी बाधा के पूरा हो सका। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था इतनी पुख्ता थी कि अभियान के दौरान जंगल के आसपास के रास्तों पर भी कड़ी चौकसी बरती गई थी।


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ग्रामीणों ने ली राहत की सांस और प्रशासन का आभार जताया

​जैसे ही बाघ के पकड़े जाने की खबर सुबह पतकोट और आसपास के गांवों में फैली, लोगों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम का आभार व्यक्त किया। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि अब वे सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और बिना किसी डर के अपने दैनिक कार्यों को फिर से शुरू कर पाएंगे। प्रशासन ने इस सफलता के बाद भी लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें। जनता को संदेश दिया गया है कि वे अभी भी जंगलों के भीतर या संवेदनशील रास्तों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचें। प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि किसी भी प्रकार की सूचना के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही विश्वास करें और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों या अफवाहों से दूर रहें।

जनहित में जारी महत्वपूर्ण दिशा निर्देश और सतर्कता

​बाघ के पकड़े जाने के बावजूद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त जारी रखने का फैसला किया है ताकि भविष्य में किसी अन्य वन्यजीव के खतरे को समय रहते पहचाना जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीणों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए वन विभाग तथा नैनीताल पुलिस की टीमें चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर हैं। आम जनता से अनुरोध किया गया है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी अन्य वन्यजीव की हलचल दिखाई दे, तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जनता का सहयोग अनिवार्य है और प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि लोग गाइडलाइंस का पालन करते रहेंगे।

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