उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था और राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। रामपुर रोड जैसे व्यस्त और रिहायशी इलाके में सत्ताधारी दल से जुड़े एक जन प्रतिनिधि पर सरेआम हत्या का आरोप लगा है। जानकारी के मुताबिक, भाजपा पार्षद अमित बिष्ट उर्फ चिंटू ने अपने घर के बाहर ही एक युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली सीधे युवक के शरीर के महत्वपूर्ण हिस्से में लगी, जिसके कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय निवासियों में भारी रोष देखा जा रहा है।

पुरानी रंजिश और बदले की आग

​मृतक की पहचान 24 वर्षीय नितिन लोहनी के रूप में हुई है। शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, इस खूनी संघर्ष की जड़ें कुछ दिन पहले हुई एक आपसी लड़ाई में छिपी हैं। बताया जा रहा है कि उस विवाद के बाद से ही आरोपी पार्षद के मन में रंजिश पल रही थी। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो विवाद इतना बढ़ गया कि पार्षद ने आव देखा न ताव और अपनी पिस्तौल निकालकर युवक पर गोली चला दी। एक उभरते हुए युवक की इस तरह से हुई आकस्मिक मृत्यु ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

विवादों से पुराना नाता और पुलिस की कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पार्षद अमित बिष्ट उर्फ चिंटू को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी पार्षद का आचरण पहले भी संदिग्ध रहा है और वह कई बार मारपीट और छोटे-मोटे झगड़ों में संलिप्त पाया गया है। पार्षद होने के नाते उसके रसूख के कारण लोग अक्सर उससे उलझने से बचते थे, लेकिन इस बार उसने कानून को पूरी तरह हाथ में लेते हुए एक जान ले ली।

हथियार और कानून के दायरे में जांच

​फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार लाइसेंस था या अवैध। यदि वह लाइसेंसशुदा था, तो भी उसे इस तरह इस्तेमाल करने का अधिकार किसी के पास नहीं है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब मामले के हर पहलू को खंगाल रही है ताकि मृतक के परिजनों को न्याय मिल सके और समाज में एक सख्त संदेश जाए।


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