• एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश,
  • रात में टैंपो और ई-रिक्शा बैन
  • करनी होगी 'ड्यूटी-पास' की व्यवस्था।
  • उल्लंघन पर वाहन ज़ब्ती
  • गंभीर कानूनी धाराओं के तहत होगी कार्रवाई।

रुद्रपुर,(उत्तराखण्ड तहलका): वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने जिले की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति की घोषणा की है। इस नई पहल के तहत, अब रात के समय टैंपो और ई-रिक्शा चालकों को परिचालन से पहले विशेष 'रात्रि पास' लेना अनिवार्य होगा।

​मुख्य बातें: रात की सुरक्षा पर फोकस

CO की अनुमति अनिवार्य: रात्रि में (संभवतः 10 PM से सुबह 5 AM तक) कोई भी ई-रिक्शा या टैंपो बिना संबंधित क्षेत्राधिकारी (CO) की लिखित पूर्व अनुमति के संचालित नहीं हो सकेगा। shubh उद्देश्य: देर रात की दुर्घटनाओं में कमी लाना और रात के अंधेरे में होने वाली चोरी या अन्य संदिग्ध आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना। कड़ी चेकिंग: एसएसपी ने सभी थाना/चौकी प्रभारियों को आदेश दिया है कि वे रात में अचानक 'नाइट चेकिंग' पॉइंट्स लगाएं। इस दौरान, केवल वाहनों को ही नहीं, बल्कि देर रात सड़क पर निकलने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति की गहनता से पड़ताल की जाएगी।

​नियमों का उल्लंघन: अब होगी कठोर कानूनी कार्रवाई

​एसएसपी मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल चेतावनी नहीं है, बल्कि कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया कदम है। नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिनमें शामिल हैं:

वाहन ज़ब्ती: बिना अनुमति रात में चलते पाए जाने पर ई रिक्शा व टेंपो को तत्काल सीज (Seize) कर दिया जाएगा। भारी जुर्माना: मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 188 (सरकारी आदेश का उल्लंघन) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। परमिट रद्द: बार-बार उल्लंघन करने पर चालक का ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन का परमिट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, जिससे वे भविष्य में व्यावसायिक वाहन नहीं चला पाएंगे। यह भी पढ़ें: SIR अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन-जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट बीएलओ को किया सम्मानित आपराधिक जाँच: यदि चेकिंग के दौरान वाहन में कोई संदिग्ध सामग्री या व्यक्ति मिलता है, तो चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है, जिससे जेल जाने तक की नौबत आ सकती है।

​एसएसपी मिश्रा ने जनता से इस सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है, इसे "जिले को सुरक्षित बनाने की दिशा में उठाया गया एक नागरिक केंद्रित कदम" बताया गया है। उन्होंने दोहराया कि यह कदम जनहित में उठाया गया है, और पुलिस को सख्ती बरतने के लिए मजबूर न किया जाए।


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