दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में हाल ही में सामने आई एक सीसीटीवी फुटेज ने सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के बीच हलचल पैदा कर दी है। इस फुटेज में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दो सक्रिय आतंकवादियों की मौजूदगी दर्ज की गई है जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। यह सीसीटीवी फुटेज 25 दिसंबर 2025 की है। खुफिया सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन संदिग्धों में से एक की पहचान मोहम्मद लतीफ भट के रूप में हुई है जो लंबे समय से सुरक्षा बलों की रडार पर रहा है। लतीफ भट का संबंध प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से बताया जा रहा है और जम्मू-कश्मीर पुलिस सहित विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ पूर्व में कई वारंट जारी किए हुए हैं। उसकी मौजूदगी की खबर मिलते ही सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।
सुरक्षा बलों की व्यापक घेराबंदी और सघन तलाशी अभियान
आतंकियों की उपस्थिति की पुष्टि होने के तुरंत बाद अनंतनाग और उसके पड़ोसी जिले कुलगाम के संवेदनशील इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त टीमों ने संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी कर ली है। सुरक्षा बल अब रिहायशी इलाकों में घर-घर जाकर तलाशी ले रहे हैं ताकि आतंकवादियों के छिपने के किसी भी संभावित स्थान को नष्ट किया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पास के पुलिस स्टेशन में देने को कहा है। वर्तमान में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा बल अपनी चौकसी को चरम स्तर पर बनाए हुए हैं।
आवाजाही पर कड़ी निगरानी और चेकपोस्टों की तैनाती
आतंकियों के भागने के हर संभावित रास्ते को बंद करने के लिए कश्मीर घाटी के मुख्य मार्गों और संपर्क सड़कों पर अतिरिक्त चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक वाहन की गहन जांच की जा रही है और यात्रियों की पहचान की पुष्टि के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि ये आतंकवादी घनी आबादी वाले इलाकों का लाभ उठाकर छिपने या सीमा पार करने की कोशिश कर सकते हैं। तकनीकी निगरानी और ड्रोन कैमरों की मदद से जंगलों और पहाड़ी इलाकों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य मोहम्मद लतीफ भट और उसके साथी को जीवित या मृत पकड़ना है ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था को चुनौती देने वाली ताकतों को कड़ा संदेश दिया जा सके। आने वाले घंटों में इस सर्च ऑपरेशन के और तेज होने की संभावना है।
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