Police Atrocity News: बिहार के समस्तीपुर जिले में 3 नवंबर 2025 की देर शाम हुई एक शर्मनाक घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया। उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के रामपुर जलालपुर स्थित पीटीसी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में, जहाँ चुनाव ड्यूटी के लिए पुलिस बल ठहरा हुआ था, एक पुलिसकर्मी पर स्थानीय युवक के साथ बर्बरता करने और उसे तीसरी मंजिल से फेंकने का गंभीर आरोप लगा है। इस अमानवीय Police Atrocity के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया, जिससे कॉलेज परिसर में स्थिति बेकाबू हो गई।

पीड़ित युवक की पहचान मनीष कुमार (27) के रूप में हुई है, जो मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता है। ग्रामीणों के आरोप के अनुसार, सोमवार देर शाम कॉलेज चौक के पास विधानसभा चुनाव ड्यूटी पर आए सब-इंस्पेक्टर (SI) से मनीष का किसी बात को लेकर विवाद हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एसआई नशे की हालत में था, और उसने पहले मनीष के साथ मारपीट की।
Police Atrocity की हदें पार: नशे में धुत SI पर गंभीर आरोप, दांत तोड़ा और तीसरी मंजिल से फेंका
ग्रामीणों का आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर ने युवक को जबरन कॉलेज परिसर के छात्रावास में ले जाकर बेरहमी से पीटा। आरोप है कि छात्रावास के कमरे में मनीष को लाठी और पिस्टल के बट से पीटा गया, जिससे उसका दांत टूट गया। इसके बाद, आरोपी एसआई ने युवक को छात्रावास की तीसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया। इस अमानवीय Police Atrocity से मनीष गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
यह भी पढ़ें: AI-Enabled Rescue! तकनीक की मदद से बड़ा खुलासा, पहाड़गंज में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़
इस अत्याचार की खबर फैलते ही रामपुर जलालपुर और आसपास के गाँवों के लोग एकजुट हो गए और Police Atrocity के विरोध में कॉलेज परिसर में धावा बोल दिया। भीड़ ने हॉस्टल में रखी टेबल-कुर्सी, सीसीटीवी कैमरे और जनरेटर को क्षतिग्रस्त कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस अत्याचार (Police Atrocity) के खिलाफ नारे लगाए और आरोपी एसआई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
Police Atrocity की घटना पर डीएसपी ने संभाली कमान, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी विवेक कुमार शर्मा और थानाध्यक्ष मो. इरशाद आलम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्हें ग्रामीणों के भीषण आक्रोश का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया और ग्रामीणों को शांत कराया। डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो इस Police Atrocity के लिए उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना बिहार पुलिस की छवि पर एक गहरा दाग है, खासकर तब जब राज्य में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं और पुलिस बल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। इस Police Atrocity ने एक बार फिर कानून के रखवालों के अधिकारों के दुरुपयोग और जवाबदेही (Accountability) पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने इस तरह की हिंसा को अंजाम दिया, जिससे आम जनता का विश्वास और हिल गया है। पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी Police Atrocity की घटनाओं को भविष्य में रोका जाए।
---समाप्त---