UP Crime News, सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के अंबेहटा थाना क्षेत्र के टिडौली गांव में मंगलवार (8 नवंबर 2025) सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के प्रतिष्ठित और सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता रहे भाजपा नेता धर्म सिंह कोरी (70) का खून से लथपथ शव उनके बाड़े (घेर) में चारपाई पर पड़ा मिला। इस जघन्य Crime की खबर ने पूरे इलाके को दहला दिया है और स्थानीय लोगों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है।
घटना का विवरण, प्रारंभिक जांच और समुदाय का भय
जानकारी के अनुसार, धर्म सिंह कोरी हर रोज की तरह सोमवार रात अपने घेर में अकेले सोने गए थे। मंगलवार की सुबह करीब छह बजे उनकी पुत्रवधू जब उन्हें चाय देने पहुंची, तो उन्हें धर्म सिंह के माथे पर गोली लगने का निशान मिला। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।

प्रारंभिक आशंका: परिवार के एक सदस्य ओमपाल कश्यप ने बताया कि रात लगभग 2 बजे दो बार तेज आवाज आई, जिसे शादी की आतिशबाजी समझ लिया गया। पुलिस आशंका जता रही है कि हमलावर इसी शोरगुल का फायदा उठाकर, करीब से गोली मारकर हत्या को अंजाम देकर फरार हो गए। यह Crime सुनियोजित लगता है। टिडौली गांव में इस नृशंस घटना के बाद से ही दहशत और तनाव का माहौल है, और जब ग्रामीण मौके पर जमा हुए तो गुस्साए ग्रामीणों ने तत्काल हत्यारों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
नेता की पृष्ठभूमि, राजनीतिक सक्रियता और प्रभाव
मृतक धर्म सिंह कोरी की पत्नी का निधन 15 साल पहले हो चुका था। उनके परिवार में तीन बेटे हैं, जो आर्थिक रूप से स्थिर हैं और बैंक फ्रेंचाइजी चलाते हैं, तथा एक दिव्यांग बेटी भी है। धर्म सिंह 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे, जहां वह लगातार मंडल उपाध्यक्ष पद पर बने रहे। इससे पहले उनका जुड़ाव बसपा नेता महीपाल माजरा के साथ था। क्षेत्र में उनकी सक्रियता के कारण उनका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव काफी अधिक था। इस राजनीतिक Crime के चलते पार्टी के स्थानीय नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का बयान और पुलिस कार्रवाई की रणनीति
सूचना मिलते ही अंबेहटा थाना पुलिस, फॉरेंसिक टीम, और डॉग स्क्वायड के साथ उच्च अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। सहारनपुर के एसपी देहात सागर जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेस को संबोधित किया।
एसपी देहात सागर जैन ने बताया:
"फिलहाल अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। चूंकि घटना रात के अंधेरे में हुई है और कोई चश्मदीद गवाह नहीं है, इसलिए यह एक चुनौतीपूर्ण 'ब्लाइंड मर्डर' का मामला है। हमने साइबर सेल और एसओजी (SOG) की विशेषज्ञ टीमों को जांच में लगाया है। हमारी टीमें हर संभावित पहलू—चाहे वह राजनीतिक रंजिश, संपत्ति विवाद, या किसी पुरानी दुश्मनी—से जांच कर रही हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्य महत्वपूर्ण हैं। हम जल्द ही इस जघन्य Crime के पीछे के दोषियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करेंगे।"
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि इस Crime के बाद कोई अप्रिय घटना न हो।
यह भी पढ़े: AI-Enabled Rescue! तकनीक की मदद से बड़ा खुलासा, पहाड़गंज में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़
राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव
एक सक्रिय और सम्मानित भाजपा नेता की इस तरह हत्या होने से जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर जल्द से जल्द मामले को सुलझाने का प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव बढ़ गया है। भाजपा के जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई की मांग की है। यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, ताकि आम नागरिक और राजनीतिक कार्यकर्ता सुरक्षित महसूस कर सकें। प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाया है कि इस हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच जारी है और दोषियों को पाताल से भी खोज निकाला जाएगा।
© 2025, उत्तराखण्ड तहलका। सर्वाधिकार सुरक्षित।
---समाप्त---