उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर शहर में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ अपनी मंशा साफ कर दी है। शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल विश्वकर्मा मार्केट में अचानक हुई इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। सुबह से ही इलाके में मूसलाधार बारिश हो रही थी, लेकिन प्रशासनिक अमला अपने तय समय पर पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंच गया। भारी पुलिस बल और दो जेसीबी मशीनों के साथ पहुंचे अधिकारियों ने बिना किसी देरी के अवैध रूप से बनी दुकानों और ढांचों को गिराना शुरू कर दिया।
पुलिस बल और विरोध का सामना
कार्रवाई की खबर फैलते ही स्थानीय व्यापारी और दुकानदार मौके पर जमा हो गए। कुछ लोगों ने बारिश के बीच ही इस कार्रवाई का विरोध करने का प्रयास किया और समय देने की मांग की। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि दुकानें खाली करने के लिए पूर्व में ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। पुलिस प्रशासन के सख्त पहरे के चलते विरोध प्रदर्शन उग्र रूप नहीं ले सका। अधिकारियों ने मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए एक-एक करके पक्के और कच्चे निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
शहर के विकास का रास्ता साफ
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई रुद्रपुर बस टर्मिनल और आसपास के मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण परियोजना का हिस्सा है। कई सालों से विश्वकर्मा मार्केट की दुकानें इस निर्माण कार्य की जद में आ रही थीं, जिससे आए दिन यातायात प्रभावित होता था। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित पात्र दुकानदारों के पुनर्वास की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि उनका रोजगार पूरी तरह प्रभावित न हो। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है।
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