उत्तराखंड की राजनीति में तराई क्षेत्र के विकास को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक निर्णायक कदम उठाया है। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री द्वारा पंडित राम सुमेर शुक्ल स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए 651 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत करने और किच्छा-नगला मार्ग के सुदृढ़ीकरण हेतु 80.63 करोड़ रुपये जारी करने पर गहरा आभार प्रकट किया है। राजेश शुक्ला ने इसे क्षेत्र की जनता की जीत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी जो कहते हैं, उसे धरातल पर उतारने का साहस भी रखते हैं।

​दशकों का इंतजार और मेडिकल कॉलेज का भविष्य

​रुद्रपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज बीते 20 वर्षों से मात्र एक घोषणा बनकर रह गया था। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने किच्छा का प्रतिनिधित्व करते हुए इस मृतप्राय योजना में जान फूंकी थी। उनके प्रयासों से साल 2019 में केंद्र सरकार से 345 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि मिली थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते लागत बढ़ने से काम की गति धीमी पड़ गई थी। राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री धामी से बढ़ी हुई लागत की मांग की थी, जिसे मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अब 651 करोड़ रुपये की मंजूरी देकर पूरा कर दिया है। अगले सत्र से यहाँ 100 सीटों पर डॉक्टरों की शिक्षा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

​जाम से मुक्ति और फोरलेन का नया विजन

​किच्छा से हल्द्वानी जाने वाले यात्रियों के लिए अब जाम का झंझट बीते दौर की बात हो जाएगी। नगला से किच्छा के आदित्य चौक होते हुए एनएच तक बनने वाला फोरलेन मार्ग क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था की तस्वीर बदल देगा। राजेश शुक्ला ने स्पष्ट किया कि नगला क्षेत्र में भूमि विवाद के कारण पहले चरण में 5 किलोमीटर के बाद का हिस्सा लिया गया है, जिसके लिए 80.63 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। कमिश्नर कुमाऊं द्वारा नगला भूमि विवाद सुलझाए जाने के बाद अब जल्द ही इस मार्ग के शेष हिस्से का काम भी शुरू होगा, जिससे क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी।

​'धामी है तो मुमकिन है' का संकल्प

​पूर्व विधायक शुक्ला ने विकास कार्यों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की डबल इंजन सरकार को दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 'धामी है तो हामी है' और 'मोदी है तो मुमकिन है' का नारा धरातल पर चरितार्थ हो रहा है। एम्स, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मेडिकल कॉलेज जैसी बड़ी परियोजनाएं यह दर्शाती हैं कि सरकार तराई के विकास को लेकर कितनी गंभीर है। राजेश शुक्ला के अनुसार, इन योजनाओं के पूर्ण होने से न केवल स्वास्थ्य सुविधाएं सुधरेंगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नए पंख लगेंगे।


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