उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल विवादों के केंद्र में हैं। इस बार मामला महिला अस्मिता से जुड़ा है, जिसे लेकर महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष मीना शर्मा ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को रुद्रपुर कोतवाली परिसर उस समय नारों से गूंज उठा जब मीना शर्मा दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ वहां धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट आरोप है कि पूर्व विधायक ने महिलाओं के प्रति बेहद अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग किया है, जिसे किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मीना शर्मा ने पुलिस प्रशासन पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक साल पहले शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक ठुकराल पर कोई ठोस कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया है।

नारी शक्ति के अपमान का आरोप

कोतवाली में धरने के दौरान मीना शर्मा का रुख बेहद कड़ा नजर आया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पुलिस और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं की गई, तो वह कोतवाली परिसर के भीतर ही आत्मदाह कर लेंगी। पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने भावनापूर्ण लहजे में कहा कि यह लड़ाई केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की नहीं है, बल्कि यह समस्त नारी शक्ति के सम्मान की रक्षा का सवाल है। उनका कहना था कि यदि राजकुमार ठुकराल समय रहते अपनी गलती स्वीकार कर लेते और क्षमा मांग लेते, तो शायद वह इस मामले को तूल न देतीं, लेकिन उनके अहंकार और अड़ियल रवैये ने उन्हें कानूनी और आंदोलनात्मक रास्ता चुनने पर मजबूर कर दिया है।

गौ हत्या के आरोपों से गरमाया सियासी माहौल

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान केवल ऑडियो क्लिप का ही मुद्दा नहीं गूंजा, बल्कि कांग्रेस नेताओं ने पूर्व विधायक पर अन्य गंभीर आरोप भी जड़े। धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेता अनिल शर्मा ने राजकुमार ठुकराल पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाते हुए उन्हें गौ हत्या के मामलों से जोड़ने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, उन्होंने गगन ज्योति बारात घर के पास मिले गोवंश पशुओं के अवशेष मिलने के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर दी। नेताओं का तर्क है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है ताकि जनता के बीच प्रशासन का विश्वास बना रहे।

प्रशासनिक दखल और आश्वासन के बाद धरना समाप्त

दोपहर तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। एसडीएम मनीष बिष्ट ने खुद धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। उन्होंने मीना शर्मा और उनके समर्थकों को आश्वस्त किया कि पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर रही है और कानून के तहत उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन के इस ठोस आश्वासन के बाद मीना शर्मा ने फिलहाल अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। इस दौरान ममता रानी, सुमित राय, संतोष चौहान, सुबौध कुमार और वीरपाल पाण्डे सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए जल्द कार्रवाई न होने पर दोबारा सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।


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