रुद्रपुर की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है जब पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने ऑडियो प्रकरण में अपने खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाई पर खुलकर अपनी बात रखी। ठुकराल ने पत्रकार वार्ता के दौरान अपनी संवेदनाओं और आक्रोश का मिला-जुला परिचय दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस मामले को लेकर आज बखेड़ा खड़ा किया जा रहा है, वह करीब डेढ़ साल पुराना है और उसमें उन्होंने पूर्व में ही सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना कर ली थी। ठुकराल ने भावुक होते हुए बताया कि इस पूरे विवाद के केंद्र में अब उनकी वृद्ध माता की सेहत आ गई है। उनके अनुसार, विवाद को दोबारा तूल देने से उनकी माता का मानसिक तनाव चरम पर है, जिसके कारण उनकी शुगर और बीपी का स्तर जानलेवा स्थिति तक पहुंच गया है। अस्पताल में भर्ती अपनी मां की हालत का जिक्र करते हुए ठुकराल ने कहा कि वे किसी भी राजनीतिक पद या करियर के लिए अपनी मां की जान को जोखिम में नहीं डाल सकते।
सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल और तीखा प्रहार
ठुकराल ने केवल भावुकता ही नहीं दिखाई बल्कि प्रशासन की तत्परता पर भी उंगली उठाई। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि डेढ़ साल पुराने मामले में बिना किसी गहन प्रारंभिक जांच के अचानक मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उप जिलाधिकारी की कोतवाली में उपस्थिति को उन्होंने एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बताया। ठुकराल ने आरोप लगाया कि प्रशासन का यह रवैया किसी उच्च राजनीतिक दबाव की ओर इशारा करता है। उन्होंने ऑडियो की सत्यता पर सवाल उठाते हुए उसकी फोरेंसिक जांच की मांग की है। ठुकराल ने इसे अपने बढ़ते राजनीतिक कद को रोकने की एक नाकाम कोशिश करार दिया है। उनका मानना है कि यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि कुछ लोग उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के मैदान से बाहर देखना चाहते हैं।
चुनौतियों भरा अतीत और भविष्य का चुनावी संकल्प
पूर्व विधायक ने अपने पुराने संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उन पर पहले भी हत्या जैसे संगीन आरोप लगे थे, लेकिन न्यायालय ने उन्हें हर बार बेगुनाह पाया। 27 मुकदमों का सामना करने का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने खुद को 'पाक-साफ' बताया। ठुकराल ने कटाक्ष किया कि यदि वे आज राजनीति छोड़ने या चुनाव न लड़ने की घोषणा कर दें, तो उनके खिलाफ हो रही तमाम साजिशें तुरंत थम जाएंगी। गनर हटाए जाने की घटना को उन्होंने सुरक्षा से खिलवाड़ बताया लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि वे ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाले व्यक्ति नहीं हैं। अंत में उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि वे 2027 का चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य को कुछ समय के लिए परेशान जरूर किया जा सकता है, लेकिन अंततः जीत सच्चाई की ही होगी।
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