उत्तराखंड के रुद्रपुर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली आवास विकास कॉलोनी में जब नकाबपोश ने पार्षद सौरभ बेहड़ पर जानलेवा हमला किया, तो उसने न केवल एक परिवार को दहलाया बल्कि पुलिस के सुरक्षा दावों की भी धज्जियां उड़ा दीं। आज विधायक तिलकराज बेहड़ के आवास पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है। उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, जसपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक गदरपुर प्रमोद महाजन, यूथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुमितर भुल्लर से लेकर पूर्व विधायक रुद्रपुर राजकुमार ठुकराल तक, तमाम दिग्गजों ने एक सुर में शासन और प्रशासन को घेरा है। यह केवल एक हमले का विरोध नहीं है, बल्कि देवभूमि की शांत फिजाओं में पनप रहे अपराध के खिलाफ एक जन-आक्रोश है। वक्ताओं ने कहा कि घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी हमलावरों का सुराग न लग पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।
बुधवार शाम का अल्टीमेटम और घेराबंदी की रणनीति
विधायक तिलकराज बेहड़ ने साफ कर दिया है कि अब बातचीत का समय बीत चुका है। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए चार टीमें गठित करने का दावा तो किया है और बुधवार शाम तक की मोहलत मांगी है, लेकिन पीड़ित पक्ष इसे केवल टालमटोल की रणनीति मान रहा है। विधायक ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर कल शाम तक पुलिस की तरफ से हमलावरों की गिरफ्तारी का संदेश नहीं आता है, तो गुरुवार की सुबह से एसएसपी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस सच सामने लेकर आये। ये न हो कि किसी निर्दोष को दिखाकर घटना का झूठा खुलासा कर दिया जाए। कार्रवाई असली अपराधी पर होनी चाहिये। वहीं बेहड़ समर्थकों व कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्य होने के बावजूद अपराधी पकड़ से बाहर हैं। यह सोचने का विषय है कि आखिर वो कौन है जो इन हमलावरों को बचाना चाहता है।
राजनीतिक संरक्षण और अपराधियों के बढ़ते हौसले
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि जनपद में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण अराजकता चरम पर पहुंच गई है। ठुकराल के अनुसार, ऊधमसिंह नगर में अपराधी अब बेखौफ होकर गोलियां चला रहे हैं और पुलिस महज एक मूकदर्शक की भूमिका में नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि पैसे और रसूख के दम पर चल रहे इस अपराध तंत्र ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। सौरभ बेहड़ पर हमला इसी गिरती कानून व्यवस्था का एक जीता-जागता उदाहरण है। अब यह लड़ाई केवल एक पार्षद के इंसाफ की नहीं, बल्कि समूचे जनपद को अपराध मुक्त बनाने के लिए एक निर्णायक युद्ध में तब्दील हो चुकी है। अब सबकी नजरें बुधवार की शाम पर टिकी हैं, क्योंकि यही समय तय करेगा कि रुद्रपुर में शांति लौटेगी या फिर एसएसपी दफ्तर के बाहर एक बड़ा सियासी तूफान शुरू होगा।
पार्षद हमले में कार्रवाई को लेकर पुलिस का पक्ष
विरोध सभा में पुलिस का पक्ष रखने के लिए पहुंचे एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं आई है। पुलिस स्वत: संज्ञान लेकर इस पर कार्रवाई कर रही है, उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही इस घटना का खुलासा कर देगी। उन्होंने जनता से अपील करते हुए धेर्य बनाये रखने की अपील की है। वहीं इस मामले को लेकर एसएसपी मणिकान्त मिश्रा भी लगातार मोनिटरिंग कर रहे है। समय-समय पर अपने मातहतों को जरूरी दिशा निर्देश दे रहे है। उन्होंने भी आम जन से इस मामले के खुलासे के लिए पुलिस का सहयोग और शांति बनाए रखने की अपील की है।
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