रामपुर (उत्तराखण्ड तहलका): समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दो PAN कार्ड मामले में रामपुर की MP/MLA मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सात-सात साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। सज़ा सुनाए जाने के तुरंत बाद, दोनों को न्यायिक हिरासत में ले कर जेल भेज दिया गया है।

​क्या है अब्दुल्ला आजम का 'दो PAN कार्ड' मामला?

​यह मामला साल 2019 में दर्ज किया गया था, जिसके वादी (शिकायतकर्ता) भाजपा विधायक आकाश सक्सेना हैं।

  • मुख्य आरोप: अब्दुल्ला आजम पर दो अलग-अलग जन्म तिथियों के आधार पर दो PAN कार्ड बनवाने का आरोप था। आरोप है कि उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु सीमा को पूरा करने के लिए दस्तावेजों में जालसाजी की, ताकि वह विधायक का चुनाव लड़ सकें।
  • साजिश: अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आजम खान ने दो PAN कार्ड मामले में कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार करने और उपयोग करने की पूरी आपराधिक साजिश में अपने बेटे का सहयोग किया।
  • दोष सिद्ध: कोर्ट ने दो PAN कार्ड मामले में दोनों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (मूल्यवान प्रतिभूति की जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज़ को असली के रूप में इस्तेमाल करना) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी पाया।
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​आजम खान पर कानूनी मुश्किलों का पहाड़

​यह फैसला Azam Khan के राजनीतिक और कानूनी जीवन पर एक और बड़ा आघात है।

  • जेल वापसी: 23 महीने की लंबी कैद के बाद बाहर आए Azam Khan को अब इस नई सज़ा के कारण जेल जाना पड़ा है।
  • राजनीतिक भविष्य: दो साल या उससे अधिक की सज़ा मिलने पर किसी भी जनप्रतिनिधि की सदस्यता पर संकट आ जाता है। यह फैसला दोनों पिता-पुत्र के राजनीतिक भविष्य को प्रभावित करेगा।

​कोर्ट ने दो PAN कार्ड मामले में सज़ा के साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले को Azam Khan और अब्दुल्ला आजम अब उच्च न्यायालय (High Court) में चुनौती दे सकते हैं।


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