उधम सिंह नगर जिले के 66 रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (S.I.R.) अभियान को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर फर्जी वोटरों और भ्रामक आपत्तियां दर्ज कराने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन नागरिकों के वोट अन्य नगरों, ग्रामीण क्षेत्रों, जिलों या राज्यों में पहले से पंजीकृत हैं, उनका रुद्रपुर में दोबारा वोट बनाना नियम विरुद्ध है। ऐसे लोगों पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत जिला प्रशासन द्वारा पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए, जिसमें एक वर्ष तक की कैद या जुर्माने का प्रावधान है।

​पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि एक राजनीतिक दल के इशारे पर निर्वाचन विभाग और आम जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से कूट रचित और फर्जी आपत्तियां दाखिल की गई हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार कोई भी व्यक्ति 5 से अधिक आपत्तियां दर्ज नहीं करा सकता। इसके बावजूद रुद्रपुर में कतिपय लोगों द्वारा 90 से 120 से भी अधिक आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। बिना किसी ठोस साक्ष्य या दस्तावेज के दर्ज की गई ये आपत्तियां केवल निर्वाचन प्रक्रिया को बाधित करने और राजनीतिक षड्यंत्र रचने का प्रयास हैं।

​ठुकराल ने प्रशासन से मांग की है कि वह इन सभी आपत्तिकर्ताओं को बुलाकर उनसे प्रमाण और साक्ष्य प्राप्त करे। यदि वे प्रमाण देने में विफल रहते हैं, तो सरकारी तंत्र को गुमराह करने और झूठे दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पूर्व में प्रेषित अपने पत्रों का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच की अपील की है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता और पारदर्शिता बनी रहे।


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