पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने आरोप लगाया है कि रुद्रपुर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों की पर्याप्त तैनाती न होने से स्थानीय जनता बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का सामना कर रही है। ठुकराल का कहना है कि स्थिति यह बन चुकी है कि छोटे-बड़े इलाज के लिए गरीब मरीजों को तुरंत दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है, जिससे उन्हें मजबूरी में महंगे निजी क्लीनिकों की शरण लेनी पड़ती है। इसी जनसमस्या को लेकर वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपना चाहते थे।

कार्यक्रम से पहले ही पुलिस की सख्त कार्रवाई

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रुद्रपुर आगमन पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त थी। पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ जैसे ही मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देने के लिए आगे बढ़े, पुलिस प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। मौके पर तीखी बहस के बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए राजकुमार ठुकराल और उनके कई साथियों को हिरासत में ले लिया।

जनता की आवाज दबाने का आरोप


Advertisement

​पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद राजकुमार ठुकराल ने शासन और पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई पर तीखा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में किसी तरह का व्यवधान डालना नहीं था, बल्कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से जिला अस्पताल में एमबीबीएस और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति तथा मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं शुरू कराने की मांग रखना चाहते थे। ठुकराल ने आरोप लगाया कि पुलिस बल का प्रयोग करके जनहित से जुड़े गंभीर मुद्दों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से जनहित के मुद्दों को दबाया नहीं जा सकता और वे स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

सियासी गरमाहट और प्रशासनिक रुख

​पूर्व विधायक को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही जिले का सियासी माहौल गरमा गया है। समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल की बदहाली के मुद्दे को जायज बताते हुए कार्रवाई का विरोध किया है। वहीं पुलिस और स्थानीय प्रशासन का पक्ष है कि वीआईपी दौरे के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए ऐहतियातन यह कार्रवाई की गई थी।

---समाप्त---