चंडीगढ़। आर्म्स एक्ट से जुड़े एक अहम मामले में Mohali की अदालत ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई समेत चार आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। वहीं, इसी मामले में नामजद एक अन्य आरोपी सोनू को अदालत ने तीन साल कैद की सजा सुनाई है। लॉरेंस बिश्नोई के वकील करण सौफत ने बताया कि यह मामला 2022 में सोहाना थाने में दर्ज हुआ था। इसमें लॉरेंस बिश्नोई के साथ आसिम उर्फ ​​हाशिम बाबा, दीपक, विक्रम सिंह उर्फ ​​विक्की और सोनू को आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में नामजद किया गया था। फरीदकोट के कोटकपूरा शहर में साल 2021 में लॉरेंस के खिलाफ रंगदारी का मामला दर्ज कराया गया था। इसमें कहा गया था कि एक कपड़ा व्यापारी से वॉट्सऐप कॉल पर गोल्डी बराड़ ने 50 लाख की रंगदारी की मांगी थी। पैसे न देने पर कारोबारी के परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के वकील अमित मित्तल ने बताया कि उनके मुवक्किल पर व्यवसायी से 50 लाख रुपए मांगने का आरोप है। यह भी आरोप है कि रंगदारी व्हाट्सएप कॉल के जरिए मांगी गई, लेकिन शिकायतकर्ता अपने आरोप को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दे सका। इस मामले में सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट एस सोही की कोर्ट ने बुधवार को सबूतों के अभाव में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को बरी कर दिया।

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