पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने एक टेलीविजन साक्षात्कार के दौरान वह सच स्वीकार कर लिया है जिसे अब तक वहां की सेना छिपाने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह माना कि मई 2025 में भारतीय वायुसेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा था। डार के इस बयान ने पाकिस्तान के उस पुराने दावे की पोल खोल दी है जिसमें वह भारतीय हमलों से किसी भी प्रकार के नुकसान होने की बात को सिरे से नकारता रहा था। यह पहली बार है जब पाकिस्तान सरकार के किसी शीर्ष स्तर के अधिकारी ने सैन्य मोर्चे पर हुई इस विफलता और तबाही को खुले तौर पर कबूल किया है।
ऑपरेशन सिंदूर की भयावहता और तबाही
मई 2025 में भारत द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तानी रक्षा पंक्तियों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था। इशाक डार ने विवरण साझा करते हुए बताया कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के 11 रणनीतिक एयरबेस को एक साथ निशाना बनाया था। इस सुनियोजित हमले में नूर खान एयरबेस पर मौजूद तकनीकी बुनियादी ढांचे और रनवे को गंभीर क्षति पहुंची थी। इसके अतिरिक्त इस सैन्य ठिकाने पर तैनात कई पाकिस्तानी जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। डार का यह बयान संकेत देता है कि भारतीय वायुसेना की सटीकता और मारक क्षमता ने पाकिस्तानी वायु सेना को संभलने का मौका तक नहीं दिया था और सीमा पार के सैन्य अड्डों पर भारी तबाही मचाई थी।
सैन्य और राजनीतिक गलियारों में हलचल
उप प्रधानमंत्री के इस कुबूलनामे के बाद पाकिस्तान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खलबली मच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि डार का यह बयान पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और सैन्य नेतृत्व के बीच बढ़ते तनाव को भी दर्शाता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपनी आधुनिक मिसाइल तकनीक और हवाई शक्ति का परिचय देते हुए पाकिस्तान के अहम रक्षा प्रतिष्ठानों को निष्क्रिय कर दिया था। अब तक पाकिस्तान की आवाम को यह बताया जा रहा था कि उनके एयरबेस सुरक्षित हैं लेकिन इशाक डार के इस खुलासे ने पाकिस्तानी सेना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत की ओर से की गई यह कार्रवाई आतंकवाद के विरुद्ध एक कड़ा संदेश थी जिसने पाकिस्तान के अहंकार को गहरी चोट पहुंचाई है।
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