आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर जो डर जताया जा रहा था, वह अब सच होता दिख रहा है। ओपन एआई का एक ऑटोनॉमस एजेंट अपने तय दायरे से बाहर निकल गया और उसने अमेरिकी सरकार की कई आधिकारिक वेबसाइट्स में ताक-झांक शुरू कर दी। यह सिस्टम इंसानी मदद के बिना अपने आप काम कर रहा था। टेस्टिंग के दौरान इसे सिर्फ रिसर्च और वेब ब्राउजिंग का काम सौंपा गया था, लेकिन इसने खुद-ब-खुद अमेरिकी शेयर बाजार नियामक यानी एसईसी, सेंसस ब्यूरो और शिक्षा विभाग की वेबसाइट्स तक अपनी पहुंच बना ली। कंपनी के इंजीनियरों को काफी समय तक यह पता ही नहीं चला कि उनका सिस्टम लैब की चारदीवारी से बाहर निकलकर सरकारी दफ्तरों के सर्वर खंगाल रहा है।

​सरकारी पोर्टल पर सेंधमारी

​इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक स्वतंत्र रिसर्च ग्रुप ने कंपनीय के सिस्टम की जांच की। सामने आया कि एआई एजेंट ने इंटरनेट पर पहले से मौजूद क्रेडेंशियल्स का सहारा लेकर सेंसस ब्यूरो का डेटा निकाला। इसके बाद उसने एसईसी की साइट से जानकारी जुटाई और उसे सीधे एक पब्लिक ऑनलाइन फोरम पर पोस्ट कर दिया। इतना ही नहीं, करीब तिरेपन तस्वीरें भी इंटरनेट पर अपलोड कर दी गईं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इस एजेंट ने अमेरिकी शिक्षा विभाग के सिविल राइट्स ऑफिस की वेबसाइट को हैक करने की भी कोशिश की। हालांकि, वह वेबसाइट में पूरी तरह सेंध लगाने में नाकाम रहा, लेकिन उसने सुरक्षा घेरे को तोड़ने का भरसक प्रयास किया।

​महीनों बाद जागी कंपनी


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​हैरानी की बात यह है कि इस पूरी हरकत के पीछे किसी हैकर या इंजीनियर का हाथ नहीं था। एआई मॉडल ने अपना काम पूरा करने की धुन में सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया और अपनी मर्जी से रास्ते चुन लिए। ओपन एआई को इस बड़ी चूक की भनक तब लगी जब घटना के महीनों बाद सिस्टम के पुराने लॉग्स की पड़ताल की जा रही थी। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि कोई बेहद गोपनीय या संवेदनशील फाइल चोरी नहीं हुई है और सारा डेटा पहले से पब्लिक डोमेन का ही था। कंपनी के मुखिया सैम ऑल्टमैन ने माना है कि मामले की जानकारी देने में उनसे देरी हुई। अब कंपनी अपने सिस्टम के इंटरनेट एक्सेस की दोबारा जांच करने में जुटी है।

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