प्योंगयांग, 20 अक्टूबर। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बीच देश के सरकारी मीडिया ने उनकी नई तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में किम जोंग उन जूतों और महिलाओं के कपड़ों की एक प्रदर्शनी का निरीक्षण करते दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि ब्रेन हेमरेज के कारण उनकी मौत हो चुकी है। हालांकि, इन दावों की किसी आधिकारिक या स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने सोमवार को किम की तस्वीरें प्रकाशित कीं। एजेंसी के मुताबिक, किम जोंग उन ने प्रदर्शनी का दौरा किया और वहां रखे विभिन्न उत्पादों का निरीक्षण किया। सरकारी मीडिया की ओर से जारी इन तस्वीरों को उनकी मौत की अफवाहों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तस्वीरों में जूतों और कपड़ों का निरीक्षण करते दिखे किम
जारी तस्वीरों में किम जोंग उन बच्चों के जूतों और महिलाओं के कपड़ों को देखते हुए नजर आ रहे हैं। एक तस्वीर में वह झुककर गुलाबी रंग के एक छोटे जूते को देख रहे हैं, जिसे एक महिला अपने हाथ में पकड़े हुए है।
दूसरी तस्वीर में किम दोनों हाथ फैलाकर एक अधिकारी से बातचीत करते दिखाई देते हैं। एक अन्य तस्वीर में वह पुतले पर प्रदर्शित महिलाओं के कोट की बांह को छूकर उसका निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं।
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर किम जोंग उन की मौत के दावे वायरल होने के कुछ घंटों बाद सामने आईं।
हालांकि, इन तस्वीरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इन्हें वास्तव में कब लिया गया था। ऐसे में तस्वीरों को जारी किए जाने और उनके खींचे जाने की तारीख के बीच अंतर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

ब्रेन हेमरेज से मौत का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों में दावा किया गया था कि 42 वर्षीय किम जोंग उन के मस्तिष्क की रक्तवाहिका फट गई थी, जिसके कारण वह कोमा में चले गए।
इन संदेशों के अनुसार, उनकी हालत गंभीर होने के बाद उन्हें आपातकालीन उपचार के लिए चीन की राजधानी बीजिंग ले जाया गया था। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत होने का दावा भी किया गया।
हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई प्रमाणित चिकित्सकीय रिपोर्ट, आधिकारिक बयान या स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। उत्तर कोरिया की ओर से भी किम की मृत्यु की कोई घोषणा नहीं की गई है।

चीनी असंतुष्ट नागरिक ने किए कई दावे
अमेरिका में रहने वाले और चाइना डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े चीनी असंतुष्ट नागरिक वांगजुन शी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किम जोंग उन की सेहत और कथित मौत को लेकर कई पोस्ट किए।
उन्होंने दावा किया कि किम की मौत की अफवाहें कई दिनों से इंटरनेट पर फैल रही थीं, लेकिन उत्तर कोरियाई नेता सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे।
वांगजुन शी ने उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति को अफवाहों के सही होने की संभावना से जोड़ा। हालांकि, किसी नेता के सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देने को उसकी मृत्यु का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
उन्होंने यह भी दावा किया कि किम जोंग उन की कथित मृत्यु के बाद उत्तर कोरिया की सत्ता उनकी बेटी किम जू ऐ को नहीं सौंपी गई है। उनके अनुसार, सत्ता फिलहाल किम की बहन किम यो जोंग के हाथों में है।
इन दावों की भी किसी विश्वसनीय स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
चीन के 9 हजार सैनिक भेजने का भी दावा
वांगजुन शी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि किम की कथित मृत्यु के बाद उत्तर कोरिया में सत्ता संकट पैदा होने की आशंका को देखते हुए चीन ने राजधानी प्योंगयांग में लगभग 9,000 सैनिक भेजे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बीजिंग स्थित पेकिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर शनिवार को किम जोंग उन के इलाज के लिए उत्तर कोरिया पहुंचे थे।
उनके मुताबिक, किम के मस्तिष्क की रक्तवाहिका फटने के बाद चिकित्सकों को बुलाया गया था। उन्होंने दावा किया कि किम की मृत्यु के बाद उनका शव गुप्त रूप से उत्तर कोरिया वापस लाया गया और इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
हालांकि, चीनी सैनिकों की कथित तैनाती, डॉक्टरों की यात्रा और शव को वापस लाए जाने संबंधी इन आरोपों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन्हें केवल सोशल मीडिया पर किए गए अपुष्ट दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने क्या कहा था?
इससे पहले दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने 30 सितंबर को देश के सांसदों को किम जोंग उन की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी दी थी।
खुफिया एजेंसी के अनुसार, किम का वजन लगभग 140 किलोग्राम यानी 309 पाउंड था। अधिक वजन होने के कारण उनके हृदय संबंधी बीमारियों की चपेट में आने का जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि, एजेंसी ने यह भी बताया था कि उसे किम के स्वास्थ्य में गंभीर गिरावट के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले थे।
एजेंसी ने उत्तर कोरियाई नेता के एक नौसैनिक युद्धपोत का निरीक्षण करते समय सीढ़ियां चढ़ने की क्षमता का उदाहरण दिया था। उसके अनुसार, उस समय उपलब्ध जानकारियों में उनकी शारीरिक स्थिति में किसी गंभीर गिरावट का स्पष्ट संकेत नहीं था।
यह आकलन 30 सितंबर को दी गई जानकारी पर आधारित था और इससे उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की पुष्टि नहीं होती।
2020 में भी उड़ी थी किम की मौत की अफवाह
किम जोंग उन की मौत को लेकर अफवाहें फैलने का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2020 में भी उनके स्वास्थ्य और कथित मृत्यु को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई थी।
उस समय उत्तर कोरिया से भागकर दक्षिण कोरिया पहुंचे जी सोंग हो ने दावा किया था कि वह 99 प्रतिशत आश्वस्त हैं कि हृदय संबंधी सर्जरी के बाद किम जोंग उन की मौत हो गई है।
जी सोंग हो बाद में दक्षिण कोरिया के सांसद भी बने। उनके दावे के बाद किम की मृत्यु की खबरें व्यापक रूप से फैल गई थीं।
हालांकि, कुछ समय बाद किम जोंग उन सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए और उनकी मौत की खबरें गलत साबित हुईं। इसके बाद जी सोंग हो ने अपने गलत दावे को लेकर माफी भी मांगी थी।
मौत की अफवाहों पर अब क्या स्थिति है?
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने किम जोंग उन की प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए तस्वीरें जारी की हैं। सरकारी समाचार एजेंसी का कहना है कि किम ने सोमवार को इस प्रदर्शनी का दौरा किया था।
हालांकि, तस्वीरें कब ली गईं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर उनकी मौत, चीन में इलाज और उत्तर कोरिया में सत्ता परिवर्तन को लेकर किए जा रहे दावों के समर्थन में भी प्रमाणित जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किम जोंग उन की मौत की खबर को सही नहीं माना जा सकता। सरकारी मीडिया की ओर से जारी तस्वीरें इन अफवाहों के बीच सामने आई हैं, लेकिन उनकी प्रामाणिकता और वास्तविक समय की पुष्टि होना अभी बाकी है।
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