पटना। बिहार की मोकामा (Mokama) विधानसभा क्षेत्र के पंडारक प्रखंड स्थित भदौर थाना क्षेत्र में जनसुराज प्रत्याशी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। घटना के बाद से फरार चल रहे प्रमुख आरोपितों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने रविवार की रात से लेकर सोमवार तक दर्जन भर ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी है। इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब सीआइडी की टीम भी जांच में जुट गई है।
अनंत सिंह के भतीजे पुलिस के निशाने पर
पुलिस की विशेष टीमों के निशाने पर मुख्य रूप से जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रत्याशी और मोकामा (Mokama) के पूर्व विधायक अनंत सिंह के दो भतीजे कर्मवीर और राजवीर हैं। इन दोनों के साथ छोटन नाम के एक अन्य युवक की भी पुलिस सक्रियता से तलाश कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन जद यू और जन सुराज प्रत्याशी की उपस्थिति में दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प के कई वीडियो अब तक सामने आ चुके हैं। तकनीकी सेल ने इन वीडियो फुटेज के आधार पर कई अन्य आरोपितों की भी पहचान कर ली है, जिनकी तलाश में उनके रिश्तेदारों से लेकर करीबी सहयोगियों के यहां लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने शीघ्र ही सभी फरार आरोपितों की गिरफ्तारी का दावा किया है, हालांकि आशंका है कि कई आरोपित गिरफ्तारी से बचने के लिए राज्य छोड़कर भाग चुके हैं।
जाँच का दायरा और गिरफ्तारियाँ
दुलारचंद हत्याकांड की मुख्य प्राथमिकी (FIR) में अब तक पूर्व विधायक अनंत सिंह समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, झड़प और उपद्रव से जुड़े तीन अन्य मामलों में पुलिस ने कुल 80 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इस घटना से जुड़े और फरार आरोपितों तक पहुँचने के लिए आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इन हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से आरोपितों के संभावित ठिकानों और उनके भागने में मदद करने वालों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
मोकामा (Mokama) के नवनियुक्त ग्रामीण एसपी अपराजित लोहान ने सोमवार को बाढ़ और मोकामा के संवेदनशील इलाकों में खुद सक्रिय रहकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इलाके में लगातार गश्त की जा रही है और वाहनों की गहन जांच की जा रही है ताकि फरार आरोपितों को राज्य से बाहर भागने से रोका जा सके।
यह भी पढ़ें: BJP सांसद रविकिशन धमकी मामले में बड़ा खुलासा, पंजाब से हुई गिरफ्तारी
हत्या या दुर्घटना? पुलिस कर रही जाँच
जांच एजेंसियाँ दुलारचंद यादव की मौत के सटीक कारण और प्रकृति पर भी गहनता से काम कर रही हैं।Mokama पुलिस इस बिंदु पर विशेष ध्यान दे रही है कि क्या दुलारचंद की मौत दुर्घटना का परिणाम थी या यह जानबूझकर की गई हत्या थी।
जाँच के दौरान कई अनुत्तरित प्रश्न सामने आए हैं, जिन पर पुलिस काम कर रही है:
- दुलारचंद की एड़ी में गोली लगी थी; झड़प के वक्त चली दर्जनभर गोलियों में से वह गोली किसने चलाई थी?
- गोली चलाने के लिए हथियार कहां से लाए गए थे?
- दुलारचंद के शरीर पर कौन सी गाड़ी चढ़ाई गई थी, और उसे कौन चला रहा था?
एसएसपी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव करने वाले हर एक शख्स की गिरफ्तारी होगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
जनसुराज प्रत्याशी की गिरफ्तारी की अफवाह का खंडन
सोमवार को इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह सूचना उड़ी कि मोकामा से जन सुराज प्रत्याशी प्रियदर्शी पीयूष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस अफवाह के तुरंत बाद, पटना पुलिस को एक आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कुछ इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रसारित हो रही यह सूचना पूरी तरह असत्य और तथ्यहीन है और पुलिस ने जनसुराज प्रत्याशी को गिरफ्तार नहीं किया है।
पुलिस का ध्यान अब मुख्य रूप से हत्या के फरार आरोपितों को पकड़ने और घटना के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा करने पर केंद्रित है।
---समाप्त---