अनंत सिंह का खंडन: अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। इसके बजाय उन्होंने सूरजभान सिंह पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके काफिले पर भी हमला हुआ था और यह सब सूरजभान सिंह की साजिश का हिस्सा है, ताकि उनके उम्मीदवार (राजद की वीणा देवी) को फायदा मिल सके।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
तेजस्वी यादव का हमला: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पूछा है कि अपराधियों को कौन संरक्षण दे रहा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
जांच में देरी का आरोप: आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच की धीमी गति से विपक्ष और पीड़ित परिवार ने असंतोष जाहिर किया है। उनका कहना है कि पुलिस जानबूझकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शी विवरण: प्रियदर्शी के अनुसार, हमलावरों ने उनके काफिले की गाड़ियों पर गोलियां चलाईं और फिर गाड़ियों से कुचलने का प्रयास किया, जिससे दुलारचंद यादव की मौके पर ही मौत हो गई। जो मोकामा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रचार कर रहे थे।
हत्या के बाद तनाव: हत्या के बाद से मोकामा में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। पटना के जिला अधिकारी त्यागराजन एसएम ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों को जल्द ही पकड़ा जाएगा।
यह घटना बिहार के चुनावी माहौल में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और हिंसा की पुरानी गाथा को फिर से उजागर करती है। यह देखना बाकी है कि पुलिस जांच किस दिशा में जाती है और क्या चुनाव आयोग इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करता है।
Bihar Elections: मोकामा में जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में पूर्व विधायक अनंत सिंह नामजद
Oct 31, 2025
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका,
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका,
अनंत सिंह का खंडन: अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। इसके बजाय उन्होंने सूरजभान सिंह पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके काफिले पर भी हमला हुआ था और यह सब सूरजभान सिंह की साजिश का हिस्सा है, ताकि उनके उम्मीदवार (राजद की वीणा देवी) को फायदा मिल सके।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
तेजस्वी यादव का हमला: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पूछा है कि अपराधियों को कौन संरक्षण दे रहा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
जांच में देरी का आरोप: आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच की धीमी गति से विपक्ष और पीड़ित परिवार ने असंतोष जाहिर किया है। उनका कहना है कि पुलिस जानबूझकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शी विवरण: प्रियदर्शी के अनुसार, हमलावरों ने उनके काफिले की गाड़ियों पर गोलियां चलाईं और फिर गाड़ियों से कुचलने का प्रयास किया, जिससे दुलारचंद यादव की मौके पर ही मौत हो गई। जो मोकामा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रचार कर रहे थे।
हत्या के बाद तनाव: हत्या के बाद से मोकामा में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। पटना के जिला अधिकारी त्यागराजन एसएम ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों को जल्द ही पकड़ा जाएगा।
यह घटना बिहार के चुनावी माहौल में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और हिंसा की पुरानी गाथा को फिर से उजागर करती है। यह देखना बाकी है कि पुलिस जांच किस दिशा में जाती है और क्या चुनाव आयोग इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करता है।