हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले से पहले नैनीताल पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सघन फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान सड़कों पर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ फायर यूनिट और पीएसी के जवानों की मौजूदगी ने स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। नैनीताल पुलिस का यह कदम क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात की गई है ताकि आगामी कार्यवाही के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो सके।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी का कड़ा रुख
नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने सुरक्षा तैयारियों की कमान संभालते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी ने फील्ड में तैनात प्रभारियों को हिदायत दी है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। पुलिस बल को आधुनिक हथियारों, टियर गैस और ड्रोन यूनिट्स से लैस किया गया है, जो संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रहे हैं। एसएसपी ने आम जनता से अपील की है कि वे उच्चतम न्यायालय के निर्णय का सम्मान करें और प्रशासन द्वारा की जाने वाली प्रक्रिया में अपना सहयोग प्रदान करें। किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून के उल्लंघन पर कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
एरिया डोमिनेशन और संदिग्धों पर नजर
प्रशासन द्वारा बनभूलपुरा और आसपास के इलाकों में एरिया डोमिनेशन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध प्रिवेंटिव डिटेंशन की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। इसके साथ ही बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए पहचान पत्रों की जांच अनिवार्य कर दी गई है। जिन लोगों के पास स्थानीय पहचान पत्र नहीं होंगे, उन्हें कोर क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस द्वारा की जा रही इस सघन चेकिंग का उद्देश्य शरारती तत्वों के मंसूबों को नाकाम करना है। ड्रोन के माध्यम से संकरी गलियों और छतों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न रह जाए।
सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
पुलिस विभाग केवल जमीन पर ही नहीं बल्कि डिजिटल स्पेस में भी पूरी तरह सक्रिय है। एसएसपी ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह फैलाने से बचें। सोशल मीडिया सेल द्वारा हर पोस्ट और गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति धार्मिक उन्माद फैलाने, गलत बयानबाजी करने या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली पोस्ट साझा करता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कानूनी कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि लोग केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें और शांति बनाए रखने में पुलिस का साथ दें।
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