पटना (उत्तराखण्ड तहलका): बिहार की राजनीति में हमेशा चर्चा में रहने वाले और मोकमा से नवनिर्वाचित विधायक अनंत सिंह को गुरुवार को MP-MLA से एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। दुलारचंद यादव हत्याकांड के संबंध में दायर उनकी जमानत याचिका को पटना की MP-MLA कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत के इस सख्त फैसले के बाद अनंत सिंह, जो मोकमा से विधायक हैं, को फिलहाल जेल से कोई राहत नहीं मिलेगी।

​बेऊर जेल में ही रहेंगे Mokama विधायक

​MP-MLA कोर्ट के आदेश के अनुसार, बाहुबली विधायक अनंत सिंह पटना के बेऊर जेल में ही न्यायिक हिरासत में रहेंगे। उन्हें जेल से बाहर आने के लिए अब उच्च न्यायालय (High Court) में अपील करनी होगी। मोकमा विधायक गिरफ्तारी के बाद से ही पटना की बेऊर जेल में बंद हैं।

​दुलारचंद हत्याकांड का मामला

​यह मामला दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ा है। इस बहुचर्चित हत्याकांड में अनंत सिंह को मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है। इस केस की सुनवाई MP-MLA मामलों के लिए गठित विशेष अदालत में चल रही है। यह विशेष अदालत मोकमा समेत सभी क्षेत्रों के जन प्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई को प्राथमिकता देती है।

MP-MLA कोर्ट में जमानत खारिज होने की मुख्य वजह

​MP-MLA कोर्ट में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। हालांकि, उपलब्ध साक्ष्यों और केस की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया। कोर्ट का यह फैसला यह दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद मोकमा के विधायक के लिए कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्य सर्वोपरि हैं। यह भी पढ़ें: Bihar की 10वीं बार अजेय नीतीश ने संभाली सत्ता; NDA सरकार का Explosive गठन ​कोर्ट के इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि अनंत सिंह को निचली अदालत में मुकदमे का सामना जेल में रहकर ही करना होगा। इस फैसले के बाद, अनंत सिंह के कानूनी सलाहकारों के पास अब एकमात्र विकल्प है कि वे इस फैसले के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय में अपील करें। विधायक के अगले कानूनी कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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