मेरठ के सबसे चर्चित और दिल दहला देने वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज इंसाफ का दिन तय माना जा रहा है। 545 दिनों तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया, 122 तारीखों की पेशी और 22 गवाहों के बयानों के बाद जिला अदालत आज इस सनसनीखेज मामले में अपना फैसला सुनाएगी। चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद दोनों मुख्य आरोपियों, पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल की पेशी सुरक्षा कारणों के चलते जेल से ही ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जा रही है। कचहरी परिसर में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल है और सभी की नजरें अदालत कक्ष पर टिकी हैं।
मार्च 2025 का खौफनाक सच
यह वारदात मार्च 2025 में उस समय सामने आई थी जब मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत अचानक लापता हो गए थे। पुलिस पड़ताल के दौरान 17 मार्च 2025 को जब घर से आ रही तेज दुर्गंध के आधार पर तलाशी ली गई, तो पूरा सच सामने आ गया। सौरभ की पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या कर दी थी और शव को टुकड़ों में काटकर एक बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम में भर दिया था। शव को ठिकाने लगाने की योजना थी, लेकिन बदबू फैलने से दोनों की साजिश का पर्दाफाश हो गया और पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था।
जेल में बदला आरोपियों का व्यवहार
सुनवाई पूरी होने के बाद जहां सौरभ का परिवार दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग पर अड़ा हुआ है, वहीं जेल सूत्रों से दोनों आरोपियों के व्यवहार में बदलाव की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मुस्कान जेल में पहले से कहीं ज्यादा समय पूजा-पाठ और ध्यान में बिता रही है, जबकि उसका साथी साहिल बेहद खामोश हो चुका है और उसने साथी बंदियों से बातचीत करना लगभग बंद कर दिया है। 22 गवाहों और मजबूत फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर अब अदालत तय करेगी कि 545 दिनों के इंतजार के बाद इस जघन्य हत्याकांड में दोनों को क्या सजा मिलती है।
---समाप्त---