खटीमा। क्षेत्र के सुरई जंगल में स्थित बाबा भारमल की समाधि पर तीन दिवसीय भंडारे का शुभारंभ रामायण पाठ के साथ किया गया। यह धार्मिक आयोजन पड़ोसी देश नेपाल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र है।
भक्तों की आस्था और मनोकामना पूर्ति
इस वार्षिक भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि के दर्शन किए। मान्यता है कि बाबा भारमल की समाधि पर सच्चे मन से गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। श्रद्धालु चादर, पुष्प गुच्छ और त्रिशूल भेंट कर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और जंगल में लगने वाले इस भंडारे में भाग लेकर पुण्य कमाते हैं। आसपास के गांवों के निवासियों की भी इसमें गहरी आस्था है।
विकास कार्यों का निरीक्षण और मांगें
नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने भंडारा कमेटी के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कराए गए कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने समाधि स्थल के पास धर्मशाला निर्माण, तालाब के सौंदर्यीकरण, और मंदिर के चारों ओर जाल लगाने जैसी मंदिर कमेटी की मांगों को मुख्यमंत्री धामी के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भारमल बाबा में गहरी आस्था है और वह हर वर्ष भंडारे में सहयोग करते हैं। उनके प्रयासों से बाबा के मंदिर को प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की तरह एक विशिष्ट पहचान दिलाने और सौंदर्यीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने की मांग करने की बात कही।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
बाबा रणधीर गिरि और बाबा हरि गिरि एवं भंडारा कमेटी की देखरेख में यह भंडारा मेला संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नगर मंडल महामंत्री मनोज वाधवा, रमेश ढींगरा, सुमित गुंबर, दिनेश अग्रवाल, राहुल सक्सेना, राज किशोर सक्सेना, दीपक सक्सेना, रवि सक्सेना, पप्पू सक्सेना, प्रदीप गुप्ता सहित कई कार्यकर्ता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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