उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया। अपने संबोधन की शुरुआत में खड़गे ने देवभूमि के वीरों, विशेषकर कुमाऊं और गढ़वाल रेजिमेंट के अदम्य साहस को नमन किया। उन्होंने देश के पहले परमवीर चक्र विजेता शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा के योगदान को याद करते हुए कहा कि उत्तराखंड का इतिहास देश की रक्षा और स्वतंत्रता के लिए दिए गए महान बलिदानों से भरा पड़ा है।
भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता संग्राम में इनका कोई योगदान नहीं था। उन्होंने कहा कि आज भाजपा के पास जनहित का कोई विजन नहीं है। देश में बेरोजगारी चरम पर है और केंद्र सरकार में लाखों पद खाली पड़े होने के बावजूद युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करके दिखाया था, जबकि वर्तमान सरकार केवल झूठे आश्वासनों के सहारे चल रही है।
उत्तराखंड के स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए खड़गे ने राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक एक उद्योग बन गया है और नौकरियां केवल सिफारिश व पैसे के दम पर बांटी जा रही हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और अत्याचार का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार को संवेदनहीन बताया। इसके साथ ही, अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने ही लोगों को बचाने के लिए मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
खड़गे ने धर्म के नाम पर की जा रही राजनीति पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग जनता को बरगलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के बीच जाने और सरकार की विफलताओं का पर्दाफाश करने का आह्वान किया। खड़गे ने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनते ही भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया जाएगा और युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर नौकरियां प्रदान की जाएंगी।
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