उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विशाल रैली से ठीक पहले राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया। रैली में भाग लेने के लिए कुमाऊं के विभिन्न जिलों से आ रहे

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के वाहनों और बसों को पुलिस द्वारा शहर के बाहरी इलाकों में रोक दिया गया। इस कार्रवाई से नाराज कार्यकर्ताओं की पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई, जिसमें पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की भी पुलिस से नोकझोंक हुई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि प्रशासन सत्ताधारी दल के इशारे पर उनके काफिले को अकारण रोक रहा है।

​बसों को रोके जाने के विरोध में नाराज कांग्रेस नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता सीधे नैनीताल/हल्द्वानी स्थित एसएसपी कार्यालय पहुँच गए। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी दफ्तर के बाहर ही धरने पर बैठ गए। नेताओं ने कहा कि किसी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष की रैली में आ रहे लोगों को रोकना पूरी तरह से गैर-संवैधानिक है। इस दौरान कांग्रेसियों ने एक वीडियो बयान जारी कर नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी पर तीखा हमला बोला और उन पर 'भाजपा जिलाध्यक्ष' की तरह काम करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, पुलिस का कहना था कि शहर में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर ही रूट डायवर्जन लागू किया गया था।

​खड़गे की रैली के दौरान हुए हंगामे पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा ने रैली को 'सुपर फ्लॉप' करार देते हुए कहा कि मैदान में जनता और कार्यकर्ताओं की भीड़ नहीं पहुंची। इसी हताशा और बौखलाहट को छिपाने के लिए कांग्रेसी नेता पुलिस-प्रशासन पर झूठे आरोप लगाकर प्रदर्शन का नाटक कर रहे हैं।


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