श्रीनगर,(उत्तराखण्ड तहलका): जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष इकाई, काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK), ने एक प्रमुख डॉक्टर, डॉ. उमर फारूक भट्ट, और उनकी पत्नी, शहज़ादा अख्तर को हिरासत में लेकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी एक व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसका लक्ष्य कथित तौर पर सीमा पार से संचालित होने वाले एक 'सफेदपोश आतंकी सिंडिकेट' पर नकेल कसना है। इन गिरफ्तारियों ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है क्योंकि यह दर्शाता है कि आतंकी समूह अब हिंसा से परे जाकर पेशेवर और शिक्षित लोगों का उपयोग अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं।

गिरफ्तारी अलगाववादी और आतंकवादी एजेंडे को ऑनलाइन माध्यमों से बढ़ावा देने में शामिल संदिग्धों के खिलाफ चल रही एक गहन जाँच का हिस्सा है। CIK ने स्पष्ट किया है कि उनकी कार्रवाई उन सभी लोगों पर केंद्रित है जो शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
आरोप और CIK की जांच
डॉ. भट्ट, जो श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल की सुपर स्पेशियलिटी विंग में कार्यरत थे, और उनकी पत्नी, शहज़ादा अख्तर (कुलगाम की निवासी), को CIK टीमों ने हिरासत में लिया। एनआईए अदालत से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर श्रीनगर, कुलगाम और अनंतनाग जिलों में चार स्थानों पर तलाशी ली गई।
- ऑनलाइन विध्वंस: दंपति पर आरोप है कि वे सीमा पार बैठे संचालकों के साथ मिलकर गैरकानूनी ऑनलाइन गतिविधियों में शामिल थे। ये गतिविधियाँ क्षेत्र में अलगाववाद और आतंकवाद की गतिविधियों को सक्रिय रूप से समर्थन देने के उद्देश्य से की जा रही थीं। CIK के अधिकारियों ने तलाशी के दौरान डिजिटल और भौतिक साक्ष्य जब्त किए हैं, जिससे इन गतिविधियों के सबूत मिलने की उम्मीद है।
- पेशेवरों को निशाना: यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के ध्यान में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है। अब एजेंसियाँ शिक्षित पेशेवरों और 'सफेदपोश' संदिग्धों को निशाना बना रही हैं, जो अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा का उपयोग करते हुए आतंकवादी समूहों को साजो-सामान, वित्तीय और वैचारिक समर्थन प्रदान कर रहे हैं।
बड़ी जांच और सुरक्षा निहितार्थ
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब देश एक व्यापक "डॉक्टर आतंकी मॉड्यूल" की जांच कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियाँ डॉ. उमर फारूक भट्ट के अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय संपर्कों की गहनता से जांच कर रही हैं। हालांकि, डॉ. उमर फारूक भट्ट का हाल ही में दिल्ली में हुए एक मामले के मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
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पुलिस का मानना है कि डॉ. भट्ट जैसे व्यक्ति नए दौर के आतंकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे सीधे जमीनी हिंसा में शामिल हुए बिना अपनी एजेंडा फैलाने के लिए अपनी सामाजिक स्थिति का लाभ उठाते हैं। CIK की यह कार्रवाई आतंकवाद को समर्थन देने वाले पूरे बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। CIK ने जनता से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की अपील की है ताकि इस प्रकार के राष्ट्र-विरोधी तत्वों पर समय रहते नकेल कसी जा सके। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति को पुष्ट करता है।
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