रामपुर जिले के बिलासपुर की पॉश बत्रा कॉलोनी में केंद्रीय जांच एजेंसियों की हलचल से लगातार चौथे दिन भी सरगर्मी बनी रही। आयकर विभाग (IT) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की संयुक्त टीमें पिछले 72 घंटों से इलाके में डटी हुई हैं। सोमवार तड़के शुरू हुई यह कार्रवाई गुरुवार शाम तक खिंच गई। अब तक बिलासपुर के रिहायशी और कारोबारी परिसरों तक सीमित रही यह जांच गुरुवार को बैंक शाखा तक जा पहुंची, जिससे सीमांत इलाकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

​रुद्रपुर के केनरा बैंक पहुंची टीमें

​गुरुवार दोपहर उस वक्त जांच का दायरा बढ़ता दिखा, जब अधिकारियों की गाड़ियां उत्तराखंड सीमा से सटे रुद्रपुर स्थित केनरा बैंक शाखा के बाहर पहुंचीं। बिलासपुर से पहुंची टीम सीधे बैंक परिसर में दाखिल हुई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, टीम वहां मेडिसिटी अस्पताल से जुड़े पुराने वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों के रिकॉर्ड जुटाने के सिलसिले में पहुंची थी। हालांकि, बैंक में टीम ने किन-किन दस्तावेजों या खातों की पड़ताल की, इस पर किसी भी अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

​जांच में सहयोग को लेकर चर्चाएं

​बैंक शाखा में अधिकारियों की मौजूदगी के बीच यह चर्चा भी सामने आ रही है कि जांच के दौरान अपेक्षित सहयोग मिलने में दिक्कतें आ रही हैं। कहा जा रहा है कि वित्तीय लेन-देन और कुछ जरूरी कागजात को लेकर पूरी स्थिति साफ नहीं हो पा रही है, जिससे जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अधिकारियों को समय लग रहा है। हालांकि, इन बातों को लेकर न तो जांच एजेंसियों ने और न ही संबंधित पक्षों की तरफ से कोई औपचारिक बयान आया है।

​सोमवार तड़के से जारी है कार्रवाई

​मालूम हो कि इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत सोमवार सुबह करीब पांच बजे हुई थी, जब जांच टीमों ने बिलासपुर की बत्रा कॉलोनी स्थित कारोबारी रोहताश बत्रा और डॉ. दीपक छाबड़ा के परिसरों पर एक साथ दस्तक दी थी। तब से लेकर अब तक दोनों ठिकानों पर वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और निवेश से जुड़े पुराने कागजात खंगाले जा रहे हैं। चौथे दिन बैंक तक पहुंची इस जांच के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एजेंसियों की तरफ से आधिकारिक तौर पर क्या ब्योरा सामने आता है।


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