नई दिल्ली, (उत्तराखण्ड तहलका) दुबई एयर शो में शुक्रवार दोपहर को उड़ान प्रदर्शन के दौरान भारतीय वायुसेना के लिए गर्व का प्रतीक Tejas लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस बड़े हादसे में विमान अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास क्रैश हुआ, जिसके बाद वहां काले धुएं का गुबार उठता दिखा। यह दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2:10 बजे हुई।

​​हादसे के तुरंत बाद, सबसे बड़ा सवाल पायलट की सुरक्षा को लेकर बना हुआ है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में पायलट के इजेक्शन को लेकर अनिश्चितता है। भारतीय वायुसेना (IAF) या हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। IAF के आधिकारिक बयान का इंतजार है, जिससे पायलट की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Tejas की पृष्ठभूमि और सुरक्षा फीचर

Tejas, एक सिंगल-सीट, 4.5-जनरेशन का मल्टी-रोल लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) है, जिसे भारत में HAL द्वारा विकसित किया गया है। यह विमान अपनी हल्की और कॉम्पैक्ट डिजाइन के लिए जाना जाता है, जिसे एयर-डिफेंस, हमला मिशन और करीबी लड़ाई जैसे कार्यों के लिए तैयार किया गया है।

​इस विमान की एक महत्वपूर्ण सुरक्षा खासियत इसका Martin-Baker zero-zero ejection seat है। यह अत्याधुनिक सीट पायलट को शून्य गति (Zero Speed) और शून्य ऊंचाई (Zero Altitude) पर भी सुरक्षित रूप से इजेक्ट होने की क्षमता प्रदान करती है। यह सुविधा टेकऑफ, लैंडिंग या कम ऊंचाई वाली उड़ान के दौरान पायलट की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है, क्योंकि यह कैनोपी को उड़ाकर पायलट को तेजी से बाहर निकालता है और पैराशूट को स्वचालित रूप से खोल देता है।


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​Tejas दुर्घटना का इतिहास

​यह दुखद घटना दो साल के भीतर Tejas से जुड़ा दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले, मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में भी एक Tejas क्रैश हुआ था। वह दुर्घटना 2001 में पहली टेस्ट उड़ान के बाद Tejas का पहला बड़ा हादसा था। हालांकि, उस समय पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में सफल रहा था।

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​दुबई एयर शो, दुनिया के सबसे बड़े एविएशन इवेंट्स में से एक है, जिसमें भारत का स्वदेशी Tejas अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहा था। इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर हुई इस घटना ने भारतीय एयरोस्पेस कार्यक्रम को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। घटना की विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना के कारणों का पता चल पाएगा।

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