देहरादून। Devbhoomi उत्तराखंड अपने गठन की रजत जयंती (25वीं वर्षगांठ) मना रहा है। यह दिवस राज्य के लिए नए संकल्प और अभिनव विकास की राह खोल रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान (FRI) में आयोजित मुख्य समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने राज्य को उत्कर्ष के नए शिखर पर ले जाने के लिए 8,140 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस दशक को उत्तराखंड के उत्थान का कालखंड बताया और स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार Devbhoomi के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नए युग के निर्माण की आधारशिला: ₹8140 करोड़ का 'रोडमैप'

​प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लोकार्पित और शिलान्यास की गई परियोजनाएँ राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करने पर केंद्रित हैं। ये परियोजनाएं ₹930 करोड़ से अधिक के पूर्ण हो चुके कार्यों का उद्घाटन और ₹7,210 करोड़ से अधिक की नई परियोजनाओं की आधारशिला शामिल करती हैं, जो राज्य के Devbhoomi के विकास को नई दिशा देंगी।

जल सुरक्षा पर विशेष ध्यान: जल क्षेत्र की दो प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जो जल सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी। देहरादून के लिए सोंग बांध पेयजल परियोजना एक अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। यह न केवल राजधानी को 150 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी, बल्कि यह परियोजना लगभग 70 वर्षों से चली आ रही शहर की पेयजल किल्लत को समाप्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। दूसरी ओर, नैनीताल की जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का शिलान्यास किया गया, जो कुमाऊँ क्षेत्र की व्यापक सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करेगी, साथ ही पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन तीनों में महत्वपूर्ण योगदान देगी।


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कनेक्टिविटी और ऊर्जा में क्रांति: कनेक्टिविटी और ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए। सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्रों का उद्घाटन किया गया, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। पिथौरागढ़ जिले में एक नए विद्युत उपकेंद्र का भी उद्घाटन हुआ, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे ₹2 लाख करोड़ से अधिक के बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ राज्य में कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व बढ़ावा दे रही हैं, जिससे पर्यटन और आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी। यह पहल भविष्य के Devbhoomi के विकास के लिए निर्णायक सिद्ध होगी।

शिक्षा, खेल और कौशल विकास: युवाओं के लिए अवसर

​युवाओं को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से कई नई पहलें शुरू की गईं। नैनीताल के हल्द्वानी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान का उद्घाटन हुआ, जो खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण सुविधा देगा। इसके अतिरिक्त, चंपावत में महिला खेल महाविद्यालय की स्थापना के लिए शिलान्यास किया गया। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाली कई नई योजनाएं भी शुरू की गईं, जो राज्य के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करेंगी और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करेंगी।

किसानों को सीधा लाभ और PM का भावुक संबोधन

​समारोह के दौरान, प्रधानमंत्री ने पीएम फसल बीमा योजना के तहत 28,000 से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹62 करोड़ की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की। उन्होंने Devbhoomi के विकास में किसानों और मातृ शक्ति के योगदान की सराहना की।

​प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भावुक संबोधन में कहा कि "उत्तराखंड मेरी सामर्थ्य-भूमि है"। उन्होंने गढ़वाली में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए राज्य आंदोलन के शहीदों को नमन किया। उन्होंने याद दिलाया कि 25 साल पहले राज्य का बजट मात्र ₹4,000 करोड़ था, जो आज ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड को 'विकसित भारत @2047' के लक्ष्य के अनुरूप एक आधुनिक, हरित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उत्तराखंड को "दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी" बनाने के विजन को भी दोहराया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि Devbhoomi के विकास की इस यात्रा में केंद्र का सहयोग अतुलनीय है और यह 'संजीवनी' की तरह है।

​इस रजत जयंती समारोह ने उत्तराखंड के लिए एक नए और समृद्ध भविष्य की मजबूत नींव रख दी है, जो आने वाले वर्षों में राज्य के विकास को एक नई गति और दिशा देगी।

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