अमृतसर (Uttarakhand Tehelka)पंजाब पुलिस ने हत्या के मामले में पकड़े गए एक युवक पर Alleged Terror Link के आरोप लगाए हैं। अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने इटली के निवासी मलकीत सिंह की नृशंस हत्या के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें मुख्य आरोपी बिक्रमजीत सिंह भी शामिल है। पुलिस ने दावा किया है कि बिक्रमजीत सिंह पर एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने का गंभीर आरोप है, जिसने इस साधारण हत्या के मामले को एक बड़े आपराधिक षडयंत्र की ओर मोड़ दिया है।

​अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मनजिंदर सिंह ने पुष्टि की कि बिक्रमजीत सिंह उर्फ ​​बिक्रम और करणबीर सिंह को राजासांसी इलाके से गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी बिक्रमजीत सिंह पर हत्या, विस्फोटक अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इन आपराधिक गतिविधियों और Alleged Terror Link के बीच संभावित गठजोड़ की गहनता से जाँच कर रही है।

पुलिस के दावे और हथियार बरामदगी


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​पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि मुख्य आरोपी बिक्रमजीत सिंह का संबंध एक प्रतिबंधित संगठन से होने का आरोप है। डीजीपी ने कहा कि यह एक Alleged Terror Link है जिसकी पुष्टि के लिए जाँच जारी है। उनका दावा है कि इस लिंक का इस्तेमाल कर आरोपी ने सीमा पार से अवैध हथियार हासिल किए, जिसका उपयोग मलकीत सिंह की हत्या को अंजाम देने में किया गया।

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​पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पाँच अत्याधुनिक हथियार भी बरामद किए हैं। बरामदगी में एक विदेशी निर्मित PX5 पिस्तौल, दो अन्य पिस्तौल, एक .45 कैलिबर की विदेशी पिस्तौल और एक रिवॉल्वर शामिल है। हथियारों की इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी Alleged Terror Link के आरोपों को और बल देती है और पंजाब में सक्रिय अवैध हथियारों के नेटवर्क की ओर इशारा करती है।

हत्या की पृष्ठभूमि और निष्पक्षता पर जोर

​पुलिस के अनुसार, इटली निवासी मलकीत सिंह (उम्र लगभग 40 वर्ष) की हत्या उस समय की गई थी जब वह राजासांसी के पास अपने खेत में काम कर रहे थे। प्रारंभिक जाँच में हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी को मुख्य कारण बताया जा रहा था। हालांकि, अब पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि क्या निजी प्रतिशोध के साथ-साथ इस Alleged Terror Link का भी कोई संबंध था।

​पंजाब पुलिस ने इस बात पर जोर दिया है कि जाँच पूरी तरह से तथ्यों और सबूतों पर आधारित होगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी कार्रवाई किसी विशेष समुदाय या समूह को लक्षित नहीं करती है, बल्कि यह केवल कानून तोड़ने वाले अपराधियों के खिलाफ है, जिनके ऊपर Alleged Terror Link होने का संदेह है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में कानून का शासन बना रहे और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

विदेश से ऑपरेट कर रहे अलगाववादी, युवाओं को बना रहे मोहरा

​पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय लगातार बढ़ता जा रहा है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, विदेश में बैठे खालिस्तानी और अलगाववादी तत्व अब स्थानीय युवकों को अपना मोहरा बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इन तत्वों ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करके पंजाब के निराश और बेरोजगार युवाओं को कट्टरपंथी बनाना शुरू कर दिया है।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि इन युवाओं को छोटी-मोटी आपराधिक गतिविधियों (जैसे टार्गेटेड किलिंग्स या हथियार छिपाना) के लिए लालच दिया जाता है और उन्हें वित्तीय सहायता देने का वादा किया जाता है। विदेशी अलगाववादी समूह इस नई रणनीति के तहत पंजाब की शांति भंग करने और राज्य में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका मुकाबला करने के लिए खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जमीनी स्तर पर अपनी निगरानी और स्थानीय जुड़ाव को मजबूत करना पड़ रहा है।

​पुलिस द्वारा यह बताया गया कि इस गिरफ्तारी से राज्य में और भी कई सनसनीखेज अपराधों की साजिशों को विफल करने में मदद मिली है। उम्मीद है कि इस मामले में और गिरफ्तारियाँ और महत्वपूर्ण खुलासे होंगे, जिसके बाद इस पूरे आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा

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