राजधानी दिल्ली के वेस्ट जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए अवैध रूप से चल रहे इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह पूरी कार्रवाई डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी (IPS) की देखरेख में अंजाम दी गई। पुलिस की टीमों ने एक साथ तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर झांसा
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार अमेरिका, कनाडा और यूरोप के देशों से जुड़े हुए थे। आरोपी खुद को एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों के टेक्निकल सपोर्ट का प्रतिनिधि बताकर विदेशी नागरिकों को फोन करते थे। वे कंप्यूटर में वायरस या तकनीकी खराबी का डर दिखाकर लोगों से मोटी रकम ऐंठ लेते थे। गिरफ्तार आरोपियों में सौरभ शर्मा, सरनजीत सिंह उर्फ जैरी, तरनजीत सिंह उर्फ जैज़, गुरविंदर सिंह उर्फ हैरी, सोनित कपूर उर्फ जेम्स और मनमोहन उर्फ मैडी जैसे मुख्य नाम शामिल हैं।
भारी मात्रा में सामान और कारें बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान बरामद हुआ है। पुलिस ने 27 लैपटॉप, 28 मोबाइल फोन, 11 इंटरनेट राउटर, 36 हेडफोन, 79,200 रुपये नकद और ठगी की रकम से खरीदी गई 2 लग्जरी कारें जब्त की हैं। पुलिस अब इन आरोपियों के पूरे नेटवर्क और बैंक खातों की पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
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