नई दिल्ली (Uttarakhand Tehelka) ​सोमवार शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए Delhi ब्लास्ट के बाद हताहतों की संख्या को लेकर असमंजस बरकरार है। शुरुआती 8 मौत की पुष्टि के बावजूद, घटनास्थल की भयावहता देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या 10 से 13 तक हो सकती है। हालांकि, लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने मंगलवार सुबह तक 8 लोगों की मौत और 3 गंभीर रूप से घायलों की आधिकारिक पुष्टि की है।

  • अस्पताल में स्थिति: 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें LNJP और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई घायल आग और शॉक वेव (Shock Wave) से झुलसे हैं, और कुछ की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
  • विस्फोट का समय: यह Delhi ब्लास्ट शाम 6:52 PM से 6:55 PM के बीच हुआ, जब लाल किले और चांदनी चौक इलाके में काफी भीड़ थी, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ गई।

​धमाके वाली कार का सुराग: मल्टी-लेयर सेल और संदिग्ध

​जांच एजेंसियों ने Delhi ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई Hyundai i20 कार (HR26-CE7674) के मालिक की पहचान कर ली है, जिसने जांच को एक नई दिशा दी है:

  • कार की पहचान और मालिक: कार गुरुग्राम के ओखला निवासी मोहम्मद सलमान के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
  • पहला मोड़: दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस ने सलमान को हिरासत में लिया है। सलमान ने पूछताछ में दावा किया है कि उसने यह कार लगभग 15 दिन पहले दिल्ली के ओखला निवासी देवेंद्र नामक व्यक्ति को बेच दी थी, लेकिन रजिस्ट्रेशन उसके नाम पर ही था।
  • जांच का फोकस: अब पुलिस का फोकस इस बात पर है कि कार कितने हाथों से गुजरी। जांच टीमें देवेंद्र और बाद के संभावित खरीदारों की तलाश में तेजी से दिल्ली और गुरुग्राम में छापेमारी कर रही हैं, क्योंकि विस्फोटक को कार में उस समय रखा गया होगा जब यह किसी अंतिम खरीदार के पास थी।

​NIA और NSG की जांच के मुख्य बिंदु और विस्फोटक की प्रकृति

​केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और NSG (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) ने घटनास्थल पर गहन जांच शुरू कर दी है।

  • फोरेंसिक साक्ष्य: फोरेंसिक विशेषज्ञ विस्फोटक की प्रकृति की पुष्टि के लिए कार के अवशेषों, मिट्टी के नमूने और घटना स्थल पर बिखरे धातुओं के टुकड़ों को इकट्ठा कर रहे हैं। शुरुआती संकेत एक उच्च तीव्रता वाले विस्फोटक (High Intensity Explosive) की ओर इशारा करते हैं, जो एक सामान्य सिलेंडर विस्फोट की संभावना को पूरी तरह खारिज करता है।
  • गृह मंत्री का दौरा: गृह मंत्री अमित शाह ने देर रात घटनास्थल का दौरा किया और LNJP अस्पताल में घायलों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी नतीजे पर जल्दबाजी न करने और जांच के सभी पहलुओं को छूने का निर्देश दिया है।
  • खुफिया इनपुट की जांच: NIA इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इस Delhi Blast को अंजाम देने के लिए कोई पूर्व खुफिया इनपुट था और क्या यह घटना हाल ही में फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक सामग्री से जुड़ी है।
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​राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और प्रशासनिक सुरक्षा घेरा

  • हाई अलर्ट: Delhi ब्लास्ट के बाद राजधानी, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और बाजारों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
  • मुख्यमंत्री का दौरा: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने LNJP अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया और इसे दिल्ली के लिए काला दिन बताया। उन्होंने पीड़ितों के लिए तत्काल राहत की घोषणा की है।
  • विपक्ष का रुख: प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इस घटना को खुफिया तंत्र की स्पष्ट विफलता बताया है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

​राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सुरक्षा चूक के सवालों के बीच, हाई अलर्ट पर रखी गई दिल्ली में NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ तेजी से कार की बिक्री श्रृंखला का पता लगा रही हैं। उनका प्राथमिक लक्ष्य इस भयानक साजिश के पीछे के असली मास्टरमाइंड और दोषियों को पकड़ना है ताकि इस Delhi ब्लास्ट के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके।


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