देहरादून का हृदय स्थल कहा जाने वाला तिब्बती मार्केट बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। इस घटना ने न केवल आम जनता को दहशत में डाल दिया बल्कि शहर की चाक-चौबंद सुरक्षा के दावों की भी पोल खोल दी। वसंत विहार निवासी अर्जुन शर्मा, जो सेना के एक सेवानिवृत्त कर्नल के पुत्र थे, को उस समय निशाना बनाया गया जब वह अपनी दिनचर्या के अनुसार परेड ग्राउंड से टेनिस खेलकर वापस लौट रहे थे। स्कूटी पर सवार होकर आए दो नकाबपोश बदमाशों ने बेहद करीब से अर्जुन पर गोलियां बरसाईं और भीड़भाड़ वाले इलाके का फायदा उठाकर आसानी से फरार हो गए। अचानक हुई इस फायरिंग से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

पारिवारिक रंजिश और संपत्ति विवाद का उलझा हुआ जाल

पुलिस प्रशासन इस मामले को महज एक आपराधिक घटना के तौर पर नहीं बल्कि एक गहरी साजिश के रूप में देख रहा है। आईजी गढ़वाल और एसएसपी की अगुवाई में हुई शुरुआती तफ्तीश में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक मृतक अर्जुन शर्मा का अपनी माता और भाई के साथ करोड़ों की संपत्ति और गैस एजेंसी के मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से कानूनी संघर्ष चल रहा था। यह विवाद इतना गंभीर था कि उनकी माता ने स्वयं को अपने बेटों से खतरा बताते हुए माननीय उच्च न्यायालय की शरण ली थी और सुरक्षा की गुहार लगाई थी। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार अर्जुन को उनकी माता ने संपत्ति से बेदखल भी कर दिया था, जिसके चलते रिश्तों में कड़वाहट चरम पर थी। पुलिस अब इस बिंदु पर फोकस कर रही है कि कहीं इस हत्याकांड की सुपारी अपनों ने ही तो नहीं दी।

अपराध के साये में देहरादून और पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न

पिछले पंद्रह दिनों के भीतर देहरादून जिले में हत्या की यह चौथी बड़ी वारदात है। विकासनगर में छात्र की हत्या से शुरू हुआ यह सिलसिला ऋषिकेश और मच्छी बाजार होते हुए अब शहर के मुख्य व्यापारिक केंद्र तक पहुंच गया है। एक के बाद एक हो रही इन घटनाओं ने पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि एसएसपी का कहना है कि शहर के सभी निकास द्वारों पर नाकाबंदी कर दी गई है और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हमलावरों के रूट को ट्रैक किया जा रहा है, लेकिन दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने अपराधियों के बुलंद हौसलों को उजागर कर दिया है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से जो सबूत जुटाए हैं, उनसे यह स्पष्ट है कि हमलावर पेशेवर थे और उन्हें अर्जुन की हर हरकत की सटीक जानकारी थी। वर्तमान में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं ताकि इस जघन्य अपराध की परतों को जल्द से जल्द खोला जा सके।


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