उत्तराखंड के सियासी गलियारों में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा ने कांग्रेस पार्टी द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह प्रदर्शन अंकिता को न्याय दिलाने की भावना से प्रेरित नहीं हैं, बल्कि यह कांग्रेस पार्टी को पुनर्जीवित करने का एक असफल प्रयास मात्र है। मेयर ने तंज कसते हुए कहा कि आज जिले में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां कांग्रेसी नेता खुद को बड़ा दिखाने की होड़ में लगे हैं। उन्होंने इसे जनता की संवेदनाओं से खिलवाड़ बताते हुए कहा कि यह आंदोलन नहीं बल्कि कांग्रेस का आपसी शक्ति प्रदर्शन है, जिसका मकसद केवल राजनीतिक लाभ लेना है।

सरकार की सक्रियता और न्यायिक प्रक्रिया

​मेयर विकास शर्मा ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि अंकिता के साथ हुई घटना अत्यंत हृदयविदारक थी और उस समय पूरी भारतीय जनता पार्टी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने परिवार के आग्रह पर तत्काल जांच के आदेश दिए और सीबीसीआईडी ने गहनता से मामले की पड़ताल की। इसी जांच के आधार पर माननीय न्यायालय ने अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने का काम किया। मेयर ने जोर देकर कहा कि आज तीन साल बाद जब चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तब कांग्रेस इस मुद्दे को उछाल रही है जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और जांच एजेंसियों ने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है और अपराधियों को सजा मिल रही है।

साक्ष्य पेश करने की चुनौती और अराजकता का आरोप

​विकास शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं के पास कोई नए सबूत या एविडेंस हैं, तो उन्हें सड़कों पर तमाशा करने के बजाय उचित माध्यम से अधिकारियों के समक्ष पेश करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाना चाहती है क्योंकि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में 'धाकड़ धामी सरकार' के विकास कार्यों के सामने कांग्रेस को अपना भविष्य अंधकारमय दिख रहा है। मेयर ने कहा कि किसी की व्यक्तिगत त्रासदी को चुनावी एजेंडा बनाना अंकिता की आत्मा को दुखाने जैसा है। उनके अनुसार, भाजपा सरकार ईमानदारी से अपना काम कर रही है और जनता सब देख रही है कि कौन न्याय के साथ है और कौन केवल राजनीति कर रहा है।

अराजक राजनीति की कड़े शब्दों में निंदा

​मेयर ने कांग्रेस के इस रुख को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह प्रदर्शन उस पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति दिखाने के लिए नहीं बल्कि जनता के बीच भ्रम फैलाने की साजिश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवैधानिक संस्थाओं और न्यायालय से ऊपर कोई नहीं है, और जब न्यायालय ने अपना निर्णय सुना दिया है, तब भी बवाल करना कानून व्यवस्था को चुनौती देना है। शर्मा ने अंत में विश्वास जताया कि ईश्वर सब देख रहा है और वह सही न्याय करेगा। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे कांग्रेस के इस प्रायोजित माहौल बनाने की कोशिशों को समझें और विकास के पथ पर आगे बढ़ती सरकार का समर्थन करें।


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