मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवंती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा में आयोजित विंटर कार्निवल में शिरकत करते हुए छात्र शक्ति की सराहना की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया और नव-निर्वाचित छात्र संघ पदाधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित भजन क्लम्बिंग जैसे कार्यक्रमों को आधुनिकता और सनातन संस्कृति का अद्भुत मेल बताया। उनका मानना है कि जब युवा अपनी जड़ों से जुड़कर संगीत और भक्ति के माध्यम से रचनात्मकता दिखाता है, तो समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा मिलती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के यही छात्र कल के नेतृत्वकर्ता बनेंगे और देश व राज्य की बागडोर संभालेंगे।
खटीमा के विकास और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
अपनी कर्मभूमि खटीमा के प्रति भावुक होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र उनके लिए केवल एक चुनावी क्षेत्र नहीं बल्कि उनका घर है, जिसने उन्हें जनसेवा के संस्कार दिए हैं। उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए बताया कि गदरपुर-खटीमा बाईपास, नौसर पुल और सड़कों के जाल ने कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई दी है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय, आधुनिक आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज और सौ बेड के अस्पताल का निर्माण मील का पत्थर साबित हो रहा है। इसके अतिरिक्त चकरपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम और टनकपुर मार्ग पर बनने वाला भव्य सैन्य स्मारक वीरों के सम्मान और युवाओं के कौशल विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सख्त कानून और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति
प्रदेश की कानून व्यवस्था और अस्मिता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब सिफारिश के बजाय सिस्टम और पर्ची के बजाय परिश्रम का बोलबाला है। सख्त नकल विरोधी कानून के कारण ही आज हजारों युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने भू-माफियाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बताया कि हजारों एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि देवभूमि में दंगाइयों, धर्मांतरण कराने वालों और आस्था की आड़ में ठगी करने वाले पाखंडियों के लिए कोई स्थान नहीं है। समान नागरिक संहिता को उन्होंने नए उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
आर्थिक प्रगति और रिवर्स पलायन के सुखद संकेत
राज्य की आर्थिक सेहत पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उत्तराखंड अब रोजगार सृजन में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो चुका है। प्रति व्यक्ति आय में हुई अभूतपूर्व वृद्धि और बुनियादी ढांचे के विस्तार ने आम जन के जीवन स्तर को सुधारा है। उन्होंने पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए खुशी जाहिर की कि अब प्रदेश में रिवर्स पलायन शुरू हो चुका है और लगभग चवालीस प्रतिशत युवा वापस अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। बेरोजगारी दर में आई रिकॉर्ड गिरावट और जमरानी बांध जैसी बड़ी परियोजनाओं का पुनर्जीवित होना राज्य के उज्ज्वल भविष्य का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि सरकार विकास और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्र विरोधी ताकतों को करारा जवाब देने के लिए सदैव तत्पर है।
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