बुलन्दशहर, (उत्तराखण्ड तहलका): उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक विवाह समारोह की खुशी उस समय गहरे मातम में बदल गई, जब हर्ष फायरिंग के दौरान चली गोली से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक स्थानीय कार्यकर्ता, धर्मेंद्र भाटी (36 वर्ष), की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर से हर्ष फायरिंग के खतरनाक चलन और इसके भयावह परिणामों को उजागर करती है।
गुरुवार रात को ककोड़ कोतवाली के गांव अजयनगर से विनोद भाटी के पुत्र शिवम भाटी की बारात चोला थाना क्षेत्र के गांव खानपुर गई थी। विवाह की रस्में पूरे हर्षोल्लास के साथ चल रही थीं। जब दूल्हे की 'चढ़त' (बारात चढ़ना) का कार्यक्रम चल रहा था, तभी कुछ लोगों ने अपनी खुशी जाहिर करने के लिए गोलीबारी शुरू कर दी।
बताया जाता है कि चढ़त के दौरान हुई इसी अंधाधुंध हर्ष फायरिंग में निकली एक गोली अजयनगर गांव निवासी धर्मेंद्र भाटी, पुत्र जुगेंद्र सिंह, को लग गई। गोली लगते ही समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। खुशी का माहौल चीखों और भय में तब्दील हो गया। लोग आनन-फानन में घायल धर्मेंद्र भाटी को लेकर नोएडा के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें तुरंत उपचार दिया गया।
हालांकि, गंभीर चोट के कारण धर्मेंद्र भाटी को बचाया नहीं जा सका और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। धर्मेंद्र भाटी भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे और इलाके में उनकी अच्छी पहचान थी।
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इस दुखद घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने मृतक के परिवार की शिकायत पर एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गोली किसने चलाई और वह हथियार किसका था।
हर्ष फायरिंग के नाम पर हुई यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह समाज में व्याप्त उस गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर भी सवाल उठाती है, जिसके तहत लोग अपनी खुशी का इजहार करने के लिए हथियारों का दुरुपयोग करते हैं। इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई और लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है।
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