बिहार के लखीसराय जिले में स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सावन के महीने या विशेष पूजा के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। सुबह के समय मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी थीं। इसी दौरान अचानक मची भगदड़ में दबने से सात लोगों की जान चली गई, जबकि 5 से 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और तुरंत राहत कार्य शुरू किए गए।
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए लखीसराय के जिला अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन से लेकर मंदिर तक श्रद्धालुओं की काफी लंबी लाइन लगी हुई थी। उसी दौरान स्टेशन पर एक साथ दो ट्रेनें आकर रुकीं, जिससे भीड़ का दबाव और बढ़ गया। इसी बीच अचानक बिजली का खंभा गिरने की अफवाह फैल गई, जबकि हकीकत में सिर्फ बिजली का एक तार टूटा था। इस अफवाह के कारण बाईं तरफ लगी महिलाओं की कतार में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई और अफरा-तफरी के माहौल में महिलाएं एक के ऊपर एक गिरती चली गईं।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। लखीसराय के सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर (एसडीपीओ) शिवम कुमार के अनुसार, इस दुर्घटना में अब तक सात श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे में जान गंवाने वाली सभी सात मृतक महिलाएं हैं। वहीं, घायल हुए अन्य 5-6 लोगों को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को समुचित इलाज के निर्देश दिए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अत्यधिक भीड़ होने और बिजली के तार टूटने के कारण मची अफरा-तफरी से लगभग 20 से 25 महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़ीं। कई महिलाएं भीड़ के नीचे दबने से मौके पर ही बेहोश हो गईं। फिलहाल मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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