टेकारी, गया: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के घमासान के बीच, टेकारी विधानसभा क्षेत्र में प्रचार कर रहे NDA गठबंधन के हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रत्याशी अनिल कुमार पर जानलेवा हमला हुआ है। इस घटना ने पूरे राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। हमले के बाद, एक विधायक ने सीधे तौर पर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थकों पर आरोप लगाया है, जिससे चुनावी माहौल में तनाव और बढ़ गया है। घटना का विवरण NDA प्रत्याशी अनिल कुमार अपनी चुनावी यात्रा पर थे। इस दौरान, उनके काफिले पर अचानक पथराव और गोलीबारी की गई। इस हमले में अनिल कुमार घायल हो गए हैं। हमले के बाद के आरोप हमले के बाद, एक विधायक ने इस घटना के पीछे विपक्षी दलों के समर्थकों का हाथ होने का आरोप लगाया है। इस आरोप के बाद, राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। राजनीतिक प्रतिक्रिया इस हमले की खबर फैलते ही, राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं:
  • NDA का आरोप: एनडीए नेताओं ने इस हमले को विपक्षी दलों की हताशा और गुंडागर्दी का नतीजा बताया है। उनका कहना है कि हार की डर से विरोधी ऐसी हिंसक घटनाओं का सहारा ले रहे हैं।
  • राजद का खंडन: राजद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। राजद के नेताओं ने कहा है कि उनकी पार्टी हिंसा में विश्वास नहीं रखती है और यह केवल चुनाव से पहले एनडीए द्वारा माहौल खराब करने की कोशिश है।
  • चुनाव आयोग की भूमिका: चुनाव आयोग ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। चुनाव आयोग के अधिकारी जल्द ही इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना से चुनावी हिंसा और बढ़ सकती है।
आगे की राह टेकारी में हुई इस घटना ने चुनावी माहौल में एक नया मोड़ ला दिया है। यह देखना बाकी है कि इस हमले के बाद चुनाव प्रचार किस दिशा में जाएगा। क्या राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी रखेंगे, या फिर चुनाव आयोग इस मामले पर सख्त कदम उठाएगा, यह आने वाले दिनों में ही पता चलेगा। फिलहाल, इस घटना ने बिहार की राजनीति में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो पाएगा।

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