- Bihar Election Phase 2 Voting
- दूसरा और अंतिम चरण निर्णायक मोड़ पर
- 3.7 करोड़ से अधिक मतदाता
- 1,302 उम्मीदवार मैदान में
पटना/नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का दूसरा और अंतिम चरण निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। 11 नवंबर (मंगलवार) को 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार का शोर आज, 9 नवंबर, रविवार शाम को थम गया है। अब सभी राजनीतिक दलों ने अपने प्रचार को बंद कर दिया है और उनका ध्यान डोर-टू-डोर कैंपेन पर केंद्रित हो गया है। 11 नवंबर को Bihar Election Phase 2 Voting होगी।
1. दूसरा चरण: किस क्षेत्र में किसका इम्तिहान?
दूसरे चरण में 1,302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 3.7 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे। यह चरण बिहार के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करता है। Bihar Election Phase 2 Voting राज्य के राजनीतिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दूसरे चरण में शामिल 20 जिलों की पूरी सूची (122 सीटें):
दूसरे चरण का मतदान निम्नलिखित 20 जिलों में होगा, जो बिहार के विभिन्न राजनीतिक समीकरणों को तय करेंगे:
- पश्चिम चंपारण
- पूर्वी चंपारण
- शिवहर
- सीतामढ़ी
- मधुबनी
- सुपौल
- अररिया
- किशनगंज
- पूर्णिया
- कटिहार
- गोपालगंज
- सिवान
- सारण
- वैशाली
- मुजफ्फरपुर
- समस्तीपुर
- पटना (कुछ सीटें)
- भोजपुर
- बक्सर
- कैमूर
2. प्रचार के अंतिम दिन दिग्गजों का ज़ोर
प्रचार के अंतिम दिन दोनों प्रमुख गठबंधनों के स्टार प्रचारकों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। यह आखिरी मौका था जब नेता Bihar Election Phase 2 Voting से पहले मतदाताओं को सीधे संबोधित कर सकते थे।
- NDA के धुरंधर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य बड़े नेताओं ने रोहतास, जहानाबाद और सीमांचल के क्षेत्रों में ताबड़तोड़ रैलियाँ कीं।
- महागठबंधन का पलटवार: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किशनगंज में रैली की, जबकि तेजस्वी यादव अपने 37वें जन्मदिन के दिन भी लगातार जनसभाएं कर रहे हैं, जिसमें वे बेरोजगारी को मुख्य मुद्दा बना रहे हैं।
3. आपराधिक पृष्ठभूमि और धन-बल का प्रभाव
दूसरे चरण के उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण करने वाली ADR की रिपोर्ट के अनुसार, 1,297 उम्मीदवारों में से लगभग 32% (415 उम्मीदवार) आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं, और 43% उम्मीदवार (562) करोड़पति हैं, जो Bihar Election Phase 2 Voting में धन-बल के प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
4. उप मुख्यमंत्री पर कानूनी संकट
बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नामांकन रद्द करने और उन्हें पद से हटाने की मांग वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई है। याचिका में उन पर चुनावी हलफनामे में अपनी उम्र गलत बताने का आरोप लगाया गया है।
5. चुनावी कार्यक्रम की मुख्य तिथियाँ
पहले चरण में 6 नवंबर को रिकॉर्ड 65.08% मतदान हो चुका है। अब सभी की निगाहें 11 नवंबर के मतदान पर टिकी हैं, जिसके बाद 14 नवंबर को मतगणना के साथ ही बिहार का राजनीतिक भविष्य स्पष्ट हो जाएगा।