बाजपुर के दीपा कॉलोनी में बीते 23 नवंबर को आयोजित एक विवाह समारोह उस समय रक्तरंजित हो उठा जब मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। रुद्रपुर के रामपुर निवासी ओम प्रकाश का 17 वर्षीय पुत्र सचिन इस बारात में शामिल होने गया था। आरोप है कि वहां मौजूद लड़की पक्ष के कुछ दबंगों ने जातिगत द्वेष और आपसी विवाद के चलते सचिन के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की बल्कि उसे मकान की छत से नीचे फेंक दिया। इस भयावह घटना में सचिन गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तत्काल उपचार के लिए बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन जीवन और मौत के बीच जूझते हुए अंततः उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है और एक निर्धन परिवार का इकलौता सहारा छीन लिया है।
आईजी कार्यालय में गूंजी न्याय की आवाज: पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
इस मामले में न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार को पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कुमाऊं परिक्षेत्र की आईजी रिद्धिम अग्रवाल से मुलाकात की। आईजी को सौंपे गए ज्ञापन में पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पुलिस ने इस जघन्य अपराध में मुख्य आरोपी को तो गिरफ्तार कर लिया है लेकिन अन्य नामजद आरोपी अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। पूर्व विधायक ने स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया कि फरार आरोपी प्रभावशाली और राजनीतिक रसूख रखने वाले लोग हैं जिसके कारण स्थानीय पुलिस उन पर हाथ डालने से कतरा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सभी दोषियों को जेल नहीं भेजा गया तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
दिव्यांग पिता का दर्द और प्रभावशाली आरोपियों का खौफ
मृतक सचिन के पिता ओम प्रकाश जो स्वयं दिव्यांग हैं और बेहद गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं उन्होंने आईजी के समक्ष अपना दुख व्यक्त किया। उनका आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग उन्हें लगातार डरा-धमका रहे हैं ताकि वे केस वापस ले लें। पीड़ित परिवार का कहना है कि राजनीतिक दबाव के चलते विवेचना को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने आईजी से गुहार लगाई कि इस संवेदनशील मामले की जांच किसी निष्पक्ष और उच्चाधिकारी को सौंपी जाए ताकि उन्हें अपराधियों के भय से मुक्ति मिल सके। आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि जांच में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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