इंटरनेट डेस्क। बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद सत्ता परिवर्तन तो हो गया, लेकिन अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा के दावे आज भी खोखले नजर आ रहे हैं। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तमाम आश्वासनों के बीच झेनैदाह जिले से एक ऐसी खबर आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक 40 वर्षीय हिंदू विधवा को न केवल अपनी अस्मत गंवानी पड़ी, बल्कि उसे समाज के सामने अपमानित करने के लिए दरिंदों ने उसके साथ मध्ययुगीन बर्बरता की। यह घटना शनिवार रात झेनैदाह के कालिगंज उपजिला अंतर्गत नादिपारा इलाके में घटित हुई, जहाँ शाहिन और हसन नामक दो दरिंदों ने एक महिला के जीवन को नर्क बना दिया।

जमीन विवाद से शुरू हुई थी नफरत की कहानी

इस जघन्य अपराध की जड़ें कुछ साल पुरानी रंजिश और हवस से जुड़ी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने करीब ढाई साल पहले मुख्य आरोपी शाहिन और उसके भाई से 20 लाख रुपये में एक मकान और जमीन खरीदी थी। संपत्ति के इस लेन-देन के बाद से ही शाहिन की नीयत महिला पर खराब हो गई थी। वह लगातार महिला को परेशान करता था और उसके साथ अश्लील व्यवहार करता था। महिला ने जब भी उसके गलत इरादों का विरोध किया, शाहिन ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ दीं। शनिवार की शाम जब महिला के घर उसके दो रिश्तेदार आए हुए थे, तब शाहिन और उसके साथी हसन ने इस मौके का फायदा उठाने की साजिश रची और जबरन घर में घुस गए।

हैवानियत और सार्वजनिक अपमान का खौफनाक मंजर

घर में दाखिल होते ही दोनों आरोपियों ने महिला के साथ बारी-बारी से बलात्कार किया। इस घिनौने कृत्य के बाद जब आरोपियों ने रुपयों की मांग की और महिला ने विरोध किया, तो वे हिंसक हो उठे। उन्होंने घर में मौजूद रिश्तेदारों के साथ मारपीट कर उन्हें भगा दिया। जब पीड़िता ने शोर मचाकर मदद मांगनी चाही, तो शाहिन और हसन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वे महिला को घसीटते हुए बाहर ले गए और उसे एक पेड़ से बांध दिया। इसके बाद उन्होंने बेरहमी से महिला के बाल काट दिए। हैवानियत यहीं नहीं रुकी, आरोपियों ने इस पूरे वाकये का वीडियो बनाया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया ताकि पीड़िता को सामाजिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया जाए।

अस्पताल में संघर्ष और पुलिस की कार्यवाही

घटना के बाद महिला बेहोश हो गई थी, जिसे स्थानीय लोगों ने बचाकर झेनैदाह सदर अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मोहम्मद मुस्तफिजुर रहमान ने पुष्टि की है कि प्रारंभिक जांच में महिला के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार और प्रताड़ना के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं। शुरुआत में लोक-लाज के डर से महिला कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी, लेकिन बाद में उसने आपबीती सुनाई। पुलिस ने अब मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलाल हुसैन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी, लेकिन इस घटना ने बांग्लादेश में रह रहे हिंदू समाज के भीतर गहरे डर और असुरक्षा को एक बार फिर जन्म दे दिया है।


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