राजस्थान के अलवर जिले से परीक्षा में नकल का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान सुरेंद्र सैनी नामक एक अभ्यर्थी को हाई-टेक तरीके से नकल करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा मामला तकनीक के गलत इस्तेमाल और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है क्योंकि जाँच में सामने आया कि आरोपी अभ्यर्थी का कंप्यूटर सिस्टम बाहर से रिमोट एक्सेस के जरिए हैक किया गया था।
परीक्षा केंद्र के अंदर अभ्यर्थी को अपनी तरफ से कोई मेहनत करने की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि उसके सिस्टम पर उत्तर अपने-आप यानी ऑटो-क्लिक मोड पर टिक हो रहे थे। इस आधुनिक सेटिंग के जरिए गिरोह के सदस्य केंद्र से बाहर किसी गुप्त स्थान पर बैठकर पूरा पेपर हल कर रहे थे। पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने परीक्षा पास कराने के बदले में अभ्यर्थियों से सात से दस लाख रुपये तक की भारी-भरकम राशि का सौदा किया था।
पुलिस को इस बात का गहरा संदेह है कि इस रैकेट के तार अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े हो सकते हैं और गिरोह में कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं जो लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। वर्तमान में मुख्य आरोपी अभ्यर्थी सुरेंद्र सैनी को गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायालय ने उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस अभ्यर्थी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना और इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड तक पहुँचा जा सके।
अलवर पुलिस की विभिन्न टीमें अब उन संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं जहाँ से इस हैकिंग को अंजाम दिया गया था। यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि किस तरह नकल माफिया अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और रिमोट एक्सेस टूल्स का सहारा ले रहे हैं। पुलिस इस मामले की तह तक जाकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास कर रही है ताकि सरकारी भर्तियों की निष्पक्षता बनी रहे।
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