उत्तर भारत में पड़ रहे जानलेवा घने कोहरे (Dense Fog) ने मंगलवार की सुबह यमुना एक्सप्रेस-वे को रक्त रंजित कर दिया। मथुरा जिले के थाना बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 66 अन्य घायल हो गए। यह हादसा कोहरे के कारण हुई मल्टीपल व्हीकल कोलिजन (Multiple Vehicle Collision) का परिणाम था, जिसमें सात यात्री बसें और तीन निजी कारें एक के बाद एक आपस में टकरा गईं।

दुर्घटना का भयावह मंजर

​हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के तुरंत बाद कई वाहनों में भीषण आग लग गई। चश्मदीदों के मुताबिक, आग की लपटें दूर तक दिखाई दे रही थीं और यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया, जिसके चलते चार यात्रियों की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। एक्सप्रेस-वे पर चारों ओर चीख-पुकार मच गई। घायलों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस के जरिए आगरा और मथुरा के नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं टीमें


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​हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। टीमों ने सबसे पहले जलते हुए वाहनों पर काबू पाया और अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का मुश्किल ऑपरेशन शुरू किया। एक्सप्रेस-वे पर मलबे और क्षतिग्रस्त वाहनों के कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे बचाव कार्य में भी बाधा आई। पुलिस ने भारी मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर एक लेन को यातायात के लिए साफ करने का प्रयास किया ताकि घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके। बचाव एवं राहत कार्य (Rescue and Relief Operations) घंटों तक जारी रहा।

कोहरा और तेज रफ्तार बनी मुख्य वजह

​प्राथमिक जांच में पुलिस ने इस भयावह हादसे के पीछे दो मुख्य कारणों को जिम्मेदार ठहराया है: घना कोहरा और वाहनों की तेज रफ्तार। विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह के समय दृश्यता (Visibility) शून्य के करीब थी, और एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले वाहनों की गति नियंत्रण से बाहर थी। इसी कारण एक वाहन ने अचानक ब्रेक लगाया, जिसके बाद पीछे आ रहे वाहनों को संभलने का मौका नहीं मिला और यह एक चेन रिएक्शन एक्सीडेंट (Chain Reaction Accident) में बदल गया। पुलिस ने बस चालकों और कार मालिकों के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा

​उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने हादसे में मारे गए प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है।

​इस हादसे ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे कोहरे के मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा जरूरी हो, तो फॉग लाइट्स (Fog Lights) का उपयोग करें तथा वाहनों को धीमी गति से चलाएं। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति सीमा कोहरे के दौरान नियंत्रित करने की मांग भी जोर पकड़ रही है।

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