संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लागू की गई बायोमेट्रिक एंट्री-एग्जिट (Biometric Entry-Exi) प्रणाली, जिसका तुर्की, कतर, ओमान, मिस्र, सऊदी अरब, UAE और अन्य देशों के यात्रियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ रहा है, उसका विस्तृत विवरण यहाँ दिया गया है। यह परिवर्तन अमेरिकी सीमा सुरक्षा को आधुनिक बनाने और वीज़ा उल्लंघन को रोकने के एक बड़े प्रयास का हिस्सा है।

​US Biometric Entry-Exit सिस्टम का विस्तृत विवरण

​अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने एक अंतिम नियम जारी किया है जो US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) को अमेरिका में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले सभी गैर-अमेरिकी नागरिकों से बायोमेट्रिक डेटा (मुख्य रूप से तस्वीरें) एकत्र करने के लिए अनिवार्य करता है।

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​लागू होने की तिथि और दायरे

  • प्रभावी तिथि (Effective Date): यह नया नियम 26 दिसंबर, 2025 से लागू होगा।
  • अनिवार्य कवरेज: यह नियम हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों और भूमि सीमाओं सहित सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर लागू होगा।
  • प्रभावित लोग:
    • सभी गैर-अमेरिकी नागरिक (All Non-U.S. Citizens): इसमें वीज़ा धारक (पर्यटक, छात्र, श्रमिक) शामिल हैं।
    • ग्रीन कार्ड धारक (Green Card Holders / Lawful Permanent Residents - LPRs): नए नियम के तहत, LPRs को भी प्रवेश और निकास दोनों पर बायोमेट्रिक स्कैनिंग से गुज़रना पड़ सकता है।
    • वीज़ा वेवर प्रोग्राम (VWP) यात्री: तुर्की, कतर, ओमान, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों के जो यात्री ESTA के माध्यम से यात्रा कर सकते हैं, उन्हें भी अनिवार्य रूप से इस स्क्रीनिंग से गुज़रना होगा।

​मुख्य बायोमेट्रिक (Biometric) तकनीक: चेहरे की पहचान

​बायोमेट्रिक एंट्री-एग्जिट सिस्टम का प्राथमिक घटक फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (Facial Recognition Technology - FRT) है, जिसे CBP अपनी यात्री सत्यापन सेवा (Traveler Verification Service - TVS) के माध्यम से संचालित करता है।


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  1. प्रवेश (Entry) प्रक्रिया: यात्री जब अमेरिका पहुंचते हैं, तो एक CBP अधिकारी या स्वचालित कियोस्क उनकी लाइव तस्वीर लेता है।
  2. सत्यापन (Verification) प्रक्रिया: यह लाइव तस्वीर यात्री के यात्रा दस्तावेज़ों (जैसे पासपोर्ट या वीज़ा) में संग्रहीत तस्वीर या DHS के डेटाबेस (IDENT/HSPD-12) में पहले से संग्रहीत तस्वीरों से तुरंत मिलाई जाती है।
  3. निकास (Exit) प्रक्रिया: यह प्रणाली अब प्रस्थान के समय भी अनिवार्य रूप से लागू होगी। यात्री को बोर्डिंग गेट या निर्दिष्ट निकास बिंदु पर लगे एक कैमरे की ओर देखना होगा। यह स्कैन उनकी प्रवेश रिकॉर्ड की तस्वीर से मेल खाएगा, जिससे उनकी प्रस्थान की पुष्टि हो जाएगी।
  4. उद्देश्य: इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कौन से गैर-नागरिक अपने वैध वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अमेरिका में रुके हुए हैं (वीज़ा ओवरस्टे)।

Biometric में आयु सीमा छूट का समाप्त

​पहले, 14 वर्ष से कम और 79 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों को बायोमेट्रिक डेटा संग्रह से छूट प्राप्त थी। नए नियम के तहत यह छूट तस्वीरों के लिए समाप्त कर दी गई है। इसका मतलब है कि अब लगभग सभी गैर-अमेरिकी नागरिकों, जिनमें बच्चे और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं, को प्रवेश और निकास के समय फोटो खिंचवानी होगी।

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Biometric का खाड़ी और मध्य पूर्वी देशों पर प्रभाव

​तुर्की, कतर, ओमान, मिस्र, सऊदी अरब, और UAE जैसे देशों के उच्च-आवृत्ति वाले यात्रियों के लिए इसका मतलब है:

  • यात्रा का समय: हालांकि फेशियल रिकग्निशन पारंपरिक दस्तावेज़ जांच से तेज़ हो सकता है, लेकिन रोलआउट के शुरुआती चरणों में, विशेष रूप से व्यस्त हवाई अड्डों पर, छोटी देरी की अपेक्षा की जा सकती है।
  • सुरक्षा और डेटा भंडारण: यात्रियों का Biometric डेटा (तस्वीरें) DHS के सेंट्रल बायोमेट्रिक रिपॉजिटरी में 75 साल तक संग्रहीत किया जा सकता है। इससे डेटा प्राइवेसी और गोपनीयता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
  • वीज़ा ओवरस्टे पर सख्त निगरानी: इस क्षेत्र के उन यात्रियों के लिए जो अल्पकालिक वीज़ा या ESTA पर यात्रा करते हैं, प्रस्थान की Biometric ट्रैकिंग वीज़ा ओवरस्टे की गणना को बेहद सटीक बना देगी। ओवरस्टे के रिकॉर्ड भविष्य में अमेरिकी वीज़ा या ESTA आवेदन को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकते हैं, जिससे अगले प्रवेश से इनकार या अयोग्यता हो सकती है।
  • ग्रीन कार्ड धारकों के लिए नया दायित्व: LPRs को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि वे हर बार अमेरिका से बाहर निकलने और प्रवेश करने पर अपनी Biometric पहचान दर्ज करें, ताकि उनकी आव्रजन स्थिति की पुष्टि हो सके और यह सुनिश्चित हो सके कि उनके प्रस्थान और आगमन का रिकॉर्ड है।

​अनुपालन न करने पर परिणाम

​CBP ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी गैर-अमेरिकी नागरिक को अपनी पहचान या आव्रजन स्थिति निर्धारित करने के लिए बायोमेट्रिक्स प्रदान करना आवश्यक है और वह ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसे:

  1. अस्वीकार्य (Inadmissible) माना जा सकता है।
  2. ​उसके वीज़ा/आव्रजन स्थिति का उल्लंघन (Violation of Status) माना जा सकता है।

H-1B श्रमिकों पर प्रभाव

​H-1B वीज़ा धारक, जो लंबी अवधि के लिए अमेरिका में रहते हैं, उनके लिए इस नई नीति का मुख्य प्रभाव सीमा पार आवागमन (Cross-border Travel) और वीज़ा अनुपालन (Visa Compliance) पर पड़ेगा।

  • 1. अनिवार्य Biometric रिकॉर्ड: H-1B वीज़ा धारकों को भी अब 26 दिसंबर, 2025 से शुरू होकर, हर बार अमेरिका में प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) करते समय अनिवार्य रूप से चेहरे की पहचान (Facial Recognition) स्कैन से गुज़रना होगा।
    • आवृत्ति (Frequency): चूँकि ये श्रमिक अक्सर व्यापार या छुट्टियों के लिए अमेरिका से बाहर यात्रा करते हैं, उन्हें साल में कई बार इस प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
  • 2. वीज़ा ओवरस्टे पर सख्त निगरानी: H-1B श्रमिकों के लिए वीज़ा ओवरस्टे का जोखिम आमतौर पर कम होता है, लेकिन यह प्रणाली अब DHS को उनके निकास की तारीख की सटीक रूप से पुष्टि करने की अनुमति देगी।
    • प्रभाव: यदि कोई श्रमिक गलती से भी अपनी वीज़ा अवधि या आधिकारिक छूट अवधि से अधिक समय तक रुक जाता है (जो H-1B ट्रांसफर या विस्तार के दौरान हो सकता है), तो यह Biometric रिकॉर्ड भविष्य में उनके वीज़ा विस्तार (Extension) या ग्रीन कार्ड आवेदन को गंभीर रूप से खतरे में डाल सकता है।
  • 3. डेटा संग्रह और गोपनीयता: उनके बायोमेट्रिक डेटा को अमेरिकी सरकार के डेटाबेस में लंबी अवधि के लिए संग्रहीत किया जाएगा।

​F-1 छात्रों पर प्रभाव

​F-1 छात्रों के लिए, जिनकी आव्रजन स्थिति शैक्षणिक कार्यक्रम की अवधि और अनुपालन (Compliance) पर निर्भर करती है, यह प्रणाली उनकी स्थिति को बनाए रखने के लिए अधिक सटीकता लाएगी।

  • 1. सटीक उपस्थिति रिकॉर्ड: F-1 छात्रों को भी अनिवार्य रूप से प्रवेश और निकास पर Biometric स्कैन देना होगा। यह विशेष रूप से छुट्टियों के दौरान या OPT/CPT के तहत यात्रा करते समय उनके I-20 फॉर्म और SEVIS रिकॉर्ड की सटीकता को सत्यापित करेगा।
  • 2. I-20 अनुपालन: छात्रों के लिए यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि उनकी यात्राएँ उनके I-20 फॉर्म में सूचीबद्ध शैक्षणिक कैलेंडर और उनकी F-1 स्थिति की शर्तों के अनुरूप हों।
    • ओवरस्टे का जोखिम: यदि कोई छात्र वीज़ा अवधि समाप्त होने पर देश से बाहर निकलने में विफल रहता है, तो बायोमेट्रिक रिकॉर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि उनका निकास दर्ज नहीं हुआ है, जिससे वे अपनी स्थिति का उल्लंघन कर सकते हैं और भविष्य में अमेरिका में प्रवेश के लिए अयोग्य (Inadmissible) हो सकते हैं।
  • 3. आयु छूट की समाप्ति का प्रभाव: चूंकि F-1 छात्र अक्सर युवा होते हैं (14-18 आयु वर्ग), आयु छूट की समाप्ति का मतलब है कि अब सभी युवा F-1 छात्रों को, जो पहले इस प्रक्रिया से छूट प्राप्त थे, अनिवार्य रूप से स्कैनिंग से गुज़रना होगा।

​सामान्य निहितार्थ (General Implications)

​H-1B और F-1 दोनों वीज़ा धारकों के लिए इस नीति के सामान्य निहितार्थ निम्नलिखित हैं:

  • 1. टर्मिनल पर पहचान: हवाई अड्डों पर, उन्हें गेट के पास लगे कैमरे (Cameras at the Gate) की ओर देखना होगा, जो उनकी लाइव तस्वीर को उनके DHS रिकॉर्ड की तस्वीर से मिलाएगा। यह प्रक्रिया कागजी कार्रवाई के बिना बोर्डिंग की अनुमति देगी।
  • 2. आव्रजन अनुपालन: यह नीति सभी गैर-आप्रवासी वीज़ा धारकों के लिए आव्रजन नियमों के प्रति उच्च स्तर के अनुपालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। किसी भी विसंगति को अब CBP द्वारा अधिक आसानी से और स्वचालित रूप से पहचाना जा सकेगा।प

​संक्षेप में, यह नई Biometric प्रणाली H-1B श्रमिकों और F-1 छात्रों की यात्रा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, तेज़ और स्वचालित बनाएगी, लेकिन साथ ही वीज़ा शर्तों के कठोर अनुपालन को भी अनिवार्य करेगी। यह प्रणाली अमेरिकी सीमा सुरक्षा और आव्रजन प्रवर्तन के लिए एक बड़ा तकनीकी उन्नयन है, जो यात्रा को सुरक्षित और तेज़ बनाने का वादा करता है, लेकिन साथ ही सभी अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक अनिवार्य और व्यापक डेटा संग्रह ढांचा भी तैयार करता है।

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