एडमोंटन/एबॉट्सफोर्ड, कनाडा: कनाडा में भारतीय मूल के नागरिकों की हत्या की लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पूरे समुदाय में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले कुछ हफ्तों में हुई दो प्रमुख हत्याओं ने सुरक्षा व्यवस्था और संगठित अपराध के बढ़ते खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​1. कार पर पेशाब रोकने पर व्यवसायी अरवी सिंह सग्गू की बेरहमी से हत्या

​कनाडा के एडमोंटन शहर में 55 वर्षीय भारतीय मूल के व्यवसायी अरवी सिंह सग्गू की मौत ने अकारण हिंसा के ख़तरे को उजागर किया है।

  • घटना का विवरण: 19 अक्टूबर की सुबह सग्गू अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डिनर के बाद अपनी कार की ओर लौट रहे थे, जब उन्होंने एक अजनबी को उनकी गाड़ी पर पेशाब करते देखा। सग्गू ने विरोध किया, जिसके जवाब में हमलावर ने उन पर हमला कर दिया और उनके सिर पर मुक्का मारा।
  • मौत: सिर में गंभीर चोट लगने के कारण सग्गू बेहोश हो गए और पांच दिन तक अस्पताल में रहने के बाद 24 अक्टूबर को उन्होंने दम तोड़ दिया।
  • पुलिस कार्रवाई: एडमोंटन पुलिस ने 40 वर्षीय काइल पापिन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हमले को "अकारण" (Unprovoked) बताया है। सग्गू की मौत के बाद, आरोपी पर हत्या से जुड़ी अतिरिक्त धाराएं लगने की संभावना है।

​सग्गू के परिवार और दोस्तों ने उन्हें एक मिलनसार और स्नेही पिता के रूप में याद किया है। उनके भाई ने कहा कि अरवी ने ऐसा कुछ नहीं किया था जिसके लिए वह इस घातक हमले के शिकार होते।


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​2. अरबपति व्यवसायी दर्शन सिंह साहसी की टारगेट किलिंग

​दूसरी ओर, ब्रिटिश कोलंबिया में दर्शन सिंह साहसी की हत्या ने कनाडा में भारतीय गैंगस्टर समूहों की बढ़ती पकड़ को सामने ला दिया है।

  • घटना का विवरण: 68 वर्षीय साहसी, जो एक बड़ी कपड़ा रीसाइक्लिंग कंपनी के प्रमुख थे, को 27 अक्टूबर को एबॉट्सफोर्ड में उनके घर के बाहर गोली मार दी गई।
  • गैंगस्टर का दावा: कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर इस हत्या की जिम्मेदारी ली है।
  • हत्या का मकसद: गिरोह ने दावा किया कि साहसी की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने गिरोह को जबरन वसूली (Extortion) की रकम देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, साहसी के परिवार ने धमकी मिलने की बात से इनकार किया है।
  • स्थिति: कनाडा सरकार ने हाल ही में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है। इस घटना ने कनाडा के पंजाबी और भारतीय व्यापार समुदाय के बीच दहशत पैदा कर दी है, जहाँ जबरन वसूली के मामले बढ़ रहे हैं।

​3. अन्य संदिग्ध मामला: अमनप्रीत सैनी की हत्या

​इसके अलावा, ओंटारियो में 27 वर्षीय भारतीय मूल की महिला अमनप्रीत सैनी की हत्या का मामला भी चर्चा में है। उनका शव 21 अक्टूबर को मिला था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय मूल के मनप्रीत सिंह को मुख्य संदिग्ध बताते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस के अनुसार यह एक 'टारगेटेड' हमला था।

​भारतीय समुदाय की चिंता और मांग

​इन लगातार हो रही घटनाओं ने कनाडा में भारतीय समुदाय को झकझोर दिया है। सामुदायिक नेताओं ने कनाडा सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और संगठित अपराध पर लगाम लगाई जा सके। सोशल मीडिया पर #JusticeForArviSingh जैसे हैशटैग के जरिए लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।

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