उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित लक्सर क्षेत्र बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से उस समय दहल उठा जब पुलिस कस्टडी में जा रहे कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी पर जानलेवा हमला हुआ। लक्सर मार्केट फ्लाईओवर के पास हुए इस दुस्साहसिक हमले ने पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के दावों को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। विनय त्यागी को रुड़की जेल से पेशी के लिए लक्सर कोर्ट ले जाया जा रहा था। रास्ते में गन्ने की ट्रॉली की वजह से लगे ट्रैफिक जाम का फायदा उठाकर दो नकाबपोश शूटरों ने पुलिस की बोलेरो गाड़ी को घेर लिया और खिड़की से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस खूनी खेल में विनय त्यागी के शरीर में कई गोलियां लगी हैं और उसकी सुरक्षा में तैनात दो पुलिस कांस्टेबल भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

​अस्सी के दशक से शुरू हुआ जुर्म का काला सफर

विनय त्यागी के अपराध की दुनिया में कदम रखने की कहानी करीब चार दशक पुरानी है। मूल रूप से मुजफ्फरनगर के पुरकाजी क्षेत्र के खाईखेड़ी गांव का रहने वाला विनय त्यागी साल 1985 में पहली बार पुलिस के रिकॉर्ड में आया था। उस समय मेरठ के सिविल लाइन थाने में उस पर पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। शुरुआत में छोटे-मोटे झगड़ों और चोरी से अपना सफर शुरू करने वाला विनय त्यागी धीरे-धीरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुख्यात गैंग्स के संपर्क में आया। उसने बेहद कम समय में अपराध की दुनिया की सीढ़ियां चढ़ीं और जल्द ही अपना खुद का खौफनाक वर्चस्व कायम कर लिया। अपराध जगत में उसका नाम तब और बड़ा हो गया जब वह कुख्यात सुनील राठी गैंग का दाहिना हाथ बन गया। इसके बाद उसने पूरे क्षेत्र में रंगदारी, सुपारी किलिंग और अवैध हथियारों की तस्करी के बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

​चार राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना 60 मुकदमों का मास्टरमाइंड


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विनय त्यागी का आपराधिक इतिहास खौफ और खून से सना रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में हत्या, हत्या का प्रयास, बड़ी लूट, डकैती और अपहरण के लगभग साठ गंभीर मामले दर्ज हैं। वह इतना शातिर अपराधी रहा है कि कई बार जेल जाने और सालों सलाखों के पीछे रहने के बाद भी बाहर आकर दोबारा अपने नेटवर्क को सक्रिय कर लेता था। हाल ही में देहरादून में हुई एक हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना ने उसे फिर से सुर्खियों में ला दिया था। इस मामले में उसने एक प्रॉपर्टी डीलर की कार से करोड़ों रुपये का कैश, भारी मात्रा में ज्वेलरी और बेनामी संपत्ति के दस्तावेज उड़ा दिए थे। इसी मामले में देहरादून पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था जिसके बाद उस पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया और उसे सुरक्षा कारणों से देहरादून से रुड़की जेल शिफ्ट किया गया था।

​गैंगवॉर की आशंका और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते बड़े सवाल

इस हमले के पीछे पुलिस अब पुरानी गैंगवॉर और आपसी रंजिश की आशंका जता रही है। विनय त्यागी के दुश्मनों की फेहरिस्त बहुत लंबी है और पुलिस का मानना है कि हमलावरों को विनय की पेशी के समय और उसके रूट की सटीक जानकारी पहले से थी। यह हमला किसी पेशेवर गैंग द्वारा पूरी रेकी करने के बाद अंजाम दिया गया है। घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में हाई अलर्ट जारी है और हमलावरों को पकड़ने के लिए एसटीएफ के साथ पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। यह पूरी घटना दर्शाती है कि अपराध की दुनिया में दशकों पहले कदम रखने वाले विनय त्यागी का अतीत आज भी साये की तरह उसका पीछा कर रहा है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने कानून व्यवस्था और कैदियों के ट्रांसपोर्टेशन प्रोटोकॉल पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

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