वलसाड, गुजरात: वलसाड जिले की अदालत ने वापी के डूंगरा इलाके में 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के जघन्य मामले में त्वरित और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी रजाक खान (42) को फांसी की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद अदालत परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई, जिसने न्यायपालिका और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
जघन्य अपराध और पुलिस का त्वरित एक्शन
यह हृदय विदारक घटना 23 अक्टूबर 2023 को हुई थी, जब आरोपी रजाक खान ने मासूम बच्ची को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। रजाक ने राक्षसों की तरह बच्ची के शरीर को नोचते हुए प्राकृतिक और अप्राकृतिक तरीके से उसके साथ दुष्कर्म किया। यातनाएं देने के बाद उसने बच्ची की निर्मम हत्या कर दी।

घटना की गंभीरता को समझते हुए वलसाड पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं से परे जाकर, दिन-रात एक करके मात्र 48 घंटों के भीतर ही आरोपी को धर दबोचा। आरोपी की निशानदेही पर ही बच्ची का शव बरामद किया गया था। मासूम का शव देखकर लोगों के साथ पुलिसकर्मियों की भी रूह कांप गई थी।
त्वरित जाँच, जल्द न्याय
पुलिस ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' मानते हुए अपनी जाँच और कानूनी प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में पूरा किया। पुलिस की इस तत्परता के चलते ही मामले की सुनवाई तेजी से हुई और छह साल की बच्ची को जल्द न्याय मिल सका।
अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाकर समाज को यह कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है कि दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न्यायपालिका के इस फैसले ने दुष्कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की एक बड़ी मिसाल कायम की है।
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