शनिवार की रात उत्तरकाशी के लोगों के लिए डर का साया लेकर आई। करीब आठ बजकर सात मिनट पर जब लोग अपने घरों में रात के खाने की तैयारी कर रहे थे या टीवी देख रहे थे, अचानक धरती डोल उठी। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि घरों के अंदर पंखे, अलमारियां और टीवी स्क्रीन हिलने लगीं। झटके महसूस होते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सीधे खुले मैदानों और सड़कों की तरफ भागे।
थर-थर कांपी यमुनोत्री घाटी
यह झटका जिला मुख्यालय समेत पूरी यमुनोत्री घाटी में महसूस किया गया। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी से महज दो किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में जमीन के अंदर 11 किलोमीटर की गहराई पर था। केंद्र पास होने की वजह से झटका काफी जोरदार था। बड़कोट, नौगांव और पुरोला जैसे इलाकों में भी लोग दहशत में आ गए। ठंड की शुरुआत होने के बावजूद लोग काफी देर तक अपने घरों के बाहर गलियों में खड़े रहे और एक-दूसरे का हालचाल लेते दिखे।
प्रशासन अलर्ट पर
भूकंप की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। राहत की बात यह रही कि इतनी तेज झटके के बाद भी जिले में कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। सभी तहसील मुख्यालयों से रिपोर्ट ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन आपदा टीमों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
चार दिन में दूसरा झटका
उत्तराखंड के पहाड़ों में लगातार आ रहे भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले चार दिनों के भीतर सूबे में यह दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले बीते छह अक्टूबर को भी चमोली जिले में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने लोगों को डरा दिया था। बार-बार हिलती इस धरती से सीमांत जिलों के लोग अब सहमे हुए हैं।
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